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लालू प्रसाद जेल में रहेंगे या जमानत पर आयेंगे बाहर, आज फैसला 

Ranchi: चारा घोटाला मामले में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार होटवार में सजा काट रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव जेल में रहेंगे या जमानत पर बाहर निकलेंगे इसपर शुक्रवार को झारखंड हाइकोर्ट में अहम फैसला होगा.

22 नवंबर को लालू यादव की जमानत याचिका पर हाइकोर्ट में सुनवाई टल गयी थी. जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत में यह मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन हाइकोर्ट के एक अधिवक्‍ता के निधन के कारण लालू के बेल पर सुनवाई नहीं हो सकी और सुनवाई कि अगली तारीख 29 नवंबर को तय की गयी थी.

हालांकि, सीबीआइ की ओर से अदालत में जवाब दाखिल कर दिया गया था. इसमें सीबीआइ ने लालू प्रसाद की जमानत का विरोध किया था और कहा था कि लालू प्रसाद ने दुमका कोषागार मामले में जमानत दाखिल की है. इस मामले में लालू ने मात्र 22 माह ही जेल में बिताया है. ऐसे में सजा की आधी अवधि भी पूरी नहीं हो रही है.

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सीबीआइ ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा था समय 

इससे पहले 8 नवंबर को हाइकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सीबीआइ ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था. झारखंड हाइकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआइ ने समय मांगा था. जिसके बाद मामले की अगली सुनवाई 22 नवंबर को तय की गया थी. लेकिन सुनवाई 22 को भी नहीं हो सकी थी और सुनवाई की अगली तारीख 29 नवंबर तय की गयी थी.

चारा घाेटाले से जुड़े दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में लालू यादव ने जमानत मांगी है. लालू यादव ने बीमारी का हवाला देकर याचिका दाखिल की थी. याचिका में बढ़ती उम्र और खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया गया है. देवघर काेषागार से अवैध निकासी मामले में उन्हें जुलाई में ही जमानत मिल चुकी है.

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23 दिसंबर 2017 से जेल बंद हैं लालू यादव

लालू प्रसाद को चारा घोटाले के दुमका, देवघर और चाईबासा मामले में सीबीआइ कोर्ट ने सजा सुनायी है. इन तीनों मामलों में 23 दिसंबर 2017 से वो जेल में हैं. बीमार होने की वजह से रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती हैं.

लालू प्रसाद डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट की बीमारी, क्रॉनिक किडनी डिजीज, फैटी लीवर, पेरियेनल इंफेक्शन, हाइपर यूरिसिमिया, किडनी स्टोन, फैटी हेपेटाइटिस, प्रोस्टेट जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं. इस वजह से उन्हें बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में न रख कर रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती कराया गया है.

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दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ की अवैध निकासी मामले में 7 साल की सुनायी गयी है सजा

चारा घोटाले से जुड़े दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले में दो अलग-अलग धाराओं में लालू को 7-7 साल की सजा और 60 लाख जुर्माना लगाया गया है.

वहीं देवघर कोषागार से 84.53 लाख रुपये की अवैध निकासी मामले में उन्हें साढ़े तीन साल की सजा व 5 लाख का जुर्माना लगाया गया है.

चाईबासा कोषागार से अवैध तरीके से 37.7 करोड़ और 33.67 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले में पांच-पांच साल की सजा सुनायी गयी है. लालू की यह तीनों सजा एक साथ चल रही है.

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