
Kolkata : हजारों करोड़ रुपये के सारदा चिटफंड घोटाला मामले की जांच की आंच अब सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचने लगी है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इस घोटाले के सिलसिले में राज्य के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा को नोटिस भेजा है.
रविवार को एजेंसी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इसमें मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा की गयी उस धनराशि के बारे में रिपोर्ट मांगी गयी है, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पेंटिंग्स को चिटफंड कंपनियों से बेचने के बाद जमा कराई गयी थी.
इसे भी पढ़ेंः #Durgapur: टोटो में बैठी नाबालिग रास्ते से लापता, प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
कौन सी जानकारी मांगी है सीबीआइ ने
इसमें पूछा गया है कि राहत कोष में जमा कराए गए रुपये कैसे, किसने, कब और किस एवज में जमा कराए, इसकी पूरी रिपोर्ट दी जाए. इससे चिटफंड कंपनी से लिये गये रुपये का हिसाब किताब समझने में मदद मिलेगी. दरअसल 2012 में कोलकाता के टाउन हॉल में मौजूद नगर निगम के प्रेक्षागृह में एक चित्र प्रदर्शनी लगाई गयी थी.
इसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हाथों बनाई गयी पेंटिंग्स भी प्रदर्शनी के लिए रखी गयी थी. उन पेंटिंग्स को सारदा और रोजवैली चिटफंड कंपनियों के मालिकों ने करीब दो-दो करोड़ रुपये में खरीदी थी.
इसे भी पढ़ेंः #Sci&Tech : इथोपिया के ये तालाब किसी भी तरह के जीवन के लिए सबसे दुरूह स्थान हैं
मुख्यमंत्री और राज्यपाल राहत कोष में जमा कराये गये पैसे
इसका खुलासा जब हुआ तब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उस रुपये को मुख्यमंत्री राहत कोष और राज्यपाल राहत कोष में जमा करा दिया था. इसी धनराशि के बारे में सीबीआई जांच में जुटी हुई है. इसी के लिए मुख्य सचिव को चिट्ठी भेजी गयी है.
उल्लेखनीय है कि 2020 में नगर पालिका चुनाव होने हैं और उसके बाद 2021 में राज्य में विधानसभा का चुनाव होना है. इसी बीच चिटफंड मामलों की जांच में सीबीआई की यह तेजी सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस को मुश्किल में डालने वाली है.
इसे भी पढ़ेंः #PALAMU : नक्सली हमले का शिकार हुए मोहन गुप्ता रह चुके थे MCC कैडर, पहले भी हमला हुआ था, फिर भी सुरक्षा नहीं मिली




