West Bengal

#Durgapur: टोटो में बैठी नाबालिग रास्ते से लापता, प्रशासन पर अनदेखी का आरोप

Durgapur : दिल्ली से आयी नाबालिग लड़की दुर्गापुर के सिनेमा हॉल के सामने से टोटो पर बैठकर घर जाने के दौरान लापता हो गयी जिसका पता अभी तक नहीं चल पाया है. परिजनों का आरोप है कि प्रशासन मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है.

नाबालिग लड़की नैना कुमारी दिल्ली में रहती है और अपने माता के साथ अपने मौसी के घर आयी थी. मौसी का घर न्यू टाउनशिप थाना अंतर्गत बिट्टू पश्चिमा अंचल पल्ली में है.

इसे भी पढ़ें : #PALAMU : नक्सली हमले का शिकार हुए मोहन गुप्ता रह चुके थे MCC कैडर, पहले भी हमला हुआ था, फिर भी सुरक्षा नहीं मिली

सिटी सेंटर से बैठी थी टोटो

Sanjeevani

लड़की अपने माता के साथ शुक्रवार को सिटी सेंटर में स्थित सिनेमा हॉल के समीप आयी थी. नैना की मां सुनीता देवी अपनी माता से भेंट करने के लिए वहां पहुंची थी.

सुनीता देवी ने अपने बेटी नैना को एक टोटो पर बैठाकर घर भेज दिया. टोटो को एड्रेस भी दे दिया था. मगर जब लड़की घर नहीं पहुंची तब परिवार वाले चिंतित हो गये.

काफी खोज की मगर रात हो जाने के बाद जब लड़की का नहीं पता चला तब परिवार वालों ने सिटी सेंटर थाने में शिकायत दर्ज करवायी. मगर परिवार वालों का कहना है कि बहुत कहने के बाद शिकायत ली गयी और एफआइआर कॉपी नहीं दी गयी. 48 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई.

इसे भी पढ़ें : नक्सली अभियान स्पेशलिस्ट बताकर जिस इंस्पेक्टर का SP ने रोका था तबादला, उसी को नहीं मिली नक्सलियों की सक्रियता की भनक 

एफआइआर की कॉपी देने में बहानाबाजी

परिजनों का कहना है कि सिटी सेंटर फाड़ी में फेयर कॉपी की मांग की गयी तो यह कहकर टाल दिया गया कि बड़ा बाबू नहीं है. वे लोग लाचार होकर दुर्गापुर प्रेस क्लब पहुंचे और अपनी पूरी कहानी बतायी.

उसके बाद वहां से फिर दुर्गापुर थाना गये. वे आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डीसी अभिषेक गुप्ता से मिलने गये थे मगर दुर्गापुर थाना अधिकारियों ने काफी देर तक बैठा रखा और कहा कि डीसी साहब नहीं है. जो शिकायत है आप लिख कर दें.

पुलिस की ओर से कहा गया कि इतना जल्दी नहीं हो सकता. पुलिस काम कर रही है.

सुनीता देवी के परिवार के सदस्य भोला कुमार हेला जो स्वच्छ कार समाज वैदिक संस्था के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं ने आरोप लगाया कि पुलिस सक्रिय नहीं है. अगर होती तो अब तक पता लगा लेती.

इसे भी पढ़ें : मजदूर नहीं, टाटा प्रबंधन को फायदा पहुंचाने वाली राजनीति की रघुवर दास नेः टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व अध्यक्ष

Related Articles

Back to top button