
Koderma: सोमवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत ढिबरा स्क्रैप मजदूर संघ के तत्वाधान में समाहरणालय में धरना दिया गया, जिसमें हजारों की संख्या में जंगली इलाके से आए ग्रामीण महिला और पुरुष शामिल हुए. धरना के पहले एक रैली भी निकाली गई. धरना को संबोधित करते हुए राज्य के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता बंधु तिर्की ने कहा कि अधिकारी राज्य सरकार को गुमराह कर रहे हैं. रैयती जमीन पर अगर ढिबरा है और उसको चुनकर बेचा जा रहा है, तो इस पर कार्रवाई होती है यह सरासर गलत है. उन्होंने कहा कि यह चुनावी सभा नहीं है. यह लड़ाई आने वाले दिन में लोगों की जीविका, उनकी जिंदगी, उनके बच्चों की पढ़ाई लिखाई से जुड़ी हुई है. यहां के लोगों के वजूद का सवाल है और ढिबरा चुनने पर रोक लगाया जाता है तो यह उनके साथ अन्याय होगा. श्री तिर्की ने कहा कि एक महीने का समय दिया गया है, 23 अगस्त अंतिम दिन है और अगर इस पर जिला प्रशासन ने अपना रवैया नहीं बदला तो 24 अगस्त को सड़क जाम करेंगे. वहीं विधायक उमाशंकर अकेला ने कहा कि इस पूरे मामले से राज्य सरकार को अवगत कराएंगे. जिला प्रशासन द्वारा मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सहयोग नहीं किया गया तो 24 अगस्त को संघ और कांग्रेस के सहयोग से सड़क जाम होगा. उन्होंने जिला प्रशासन के रवैया की जमकर आलोचना की. सभा को कांग्रेस नेता शहजादा अनवर समेत अन्य लोगों ने भी संबोधित किया. वही सभा का संचालन ढिबरा स्क्रैप मजदूर संघ के अध्यक्ष कृष्णा सिंह घटवार ने किया. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर आर पार की लड़ाई लड़ेंगे. इस दौरान जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर लोगों ने नारे लगाए और कहा कि जो हमसे टकराएगा चूर चूर हो जाएगा.
इधर चल रहा था धरना, उधर हो रही थी छापेमारी
कोडरमा में जहां ढिबरा चुनने और बेचने पर जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्रवाई के विरोध में धरना प्रदर्शन चल रहा था, उसी समय झुमरीतिलैया में बड़े माईका गोदाम में छापेमारी भी की गई. बताया जाता है कि अवैध ढिबरा जमा करने की शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन की टीम ने सीएच रोड स्थित एक माईका कारोबारी के गोदाम में छापेमारी की. इस दौरान वहां भारी मात्रा में ढिबरा और माईका बरामद किया गया.





