
Akshay Kumar Jha
Ranchi: जेएमएम के घाटशिला विधायक रामदास सोरेन ने धुर्वा थाना में एक एफआईआर दर्ज करायी है. आरोप लगाया है कि झामुमो के पूर्व कोषाध्यक्ष रवि केजरीवाल और अशोक अग्रवाल ने उन्हें पैसे देकर सरकार गिराने की बात कही. रवि केजरीवाल पर बीजेपी के साथ मिलकर सरकार गिराने का आरोप लगाया है. इससे पहले बेरमो विधायक ने भी कुछ लोगों पर सरकार गिराने का आरोप लगाया था. ताजा मामला मिलाकर सरकार गिराने को लेकर कुल दो मामले अभी तक दर्ज हो चुके हैं.
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जिस रवि केजरीवाल पर सरकार गिराने का आरोप लगाया जा रहा है, वो कभी सोरेन परिवार का लाडला हुआ करता था. रांची से पहले बोकारो से ही इन दोनों परिवारों के बीच अटूट रिश्ता था. शिबू सोरेन से लेकर घर का कोई भी ऐसा नहीं होगा जो रवि केजरीवाल को ना जानता हो. लेकिन बीच में कुछ ऐसा हुआ कि चार अगस्त 2020 को जेएमएम ने पार्टी से रवि केजरीवाल को छह साल के लिए बाहर निकाल दिया. जब सूबे में बीजेपी की सरकार थी, तो रवि केजरीवाल पर हमेशा ही आरोप लगाया जाता रहा कि वो सोरेन परिवार के लिए फंड जुटाने का काम करते हैं. लेकिन अब उसी बीजेपी के साथ मिलकर कभी सोरेन परिवार के खास रहे रवि केजरीवाल पर जेएमएम की सरकार को गिराने का आरोप लग रहा है.
रवि के चाचा प्रयाग थे शिबू के करीबी, वहां से बढ़ा पारिवारिक संबंध
18वीं शताब्दी में ही केजरीवाल परिवार कहीं से आकर बोकारो जिला के चास प्रखंड के कुर्रा गांव में बसा. केजरीवाल परिवार काफी लंबा-चौड़ा हुआ करता था. रवि केजरीवाल के बड़े चाचा का नाम प्रयाग केजरीवाल था. चाचा की वजह से ही रवि केजरीवाल के संबंध सोरेन परिवार से बने. प्रयाग केजरीवाल, शिबू सोरेन के काफी करीबी थे. बीजेपी जिस तरह फंड रेजिंग का आरोप कभी रवि केजरीवाल पर लगाया करती थी, उसी तरह के आरोप रवि केजरीवाल के चाचा प्रयाग केजरीवाल पर भी लगते थे. सोरेन परिवार से नजदीकियों की वजह से केजरीवाल परिवार की हालत सुधरी. तब रवि केजरीवाल के पिता ने बोकारो के सेक्टर-4 में रेमंड्स का शोरूम खोला.
केजरीवाल परिवार उसी वक्त झारखंड में जमीन का कारोबार में भी उतरा. जरूरतमंदों को पैसा देकर उसकी जमीन अपने नाम करवाने का काम परिवार ने शुरू किया. इसी क्रम में केजरीवाल परिवार के करीबी मनोहर पाल, शिबू सोरेन के आप्त सचिव बने. इनके आप्त सचिव बनने के बाद कहा जाने लगा कि सोरेन परिवार राजनीति करती थी और बाकी का सारा काम प्रयाग केजरीवाल और मनोहर पाल के जिम्मे था. बाद में मनोहर पाल ने अपना कारोबार शुरू कर लिया. स्मृद्धि स्टील के मालिक बने. कुछ साल पहले करोड़ों की लागत से दिल्ली में एक फ्लाइंग क्लब खोला है.
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विरासत के काम को आगे बढ़ाया रवि केजरीवाल ने
प्रयाग केजरीवाल और मनोहर पाल का काम रवि केजरीवाल ने संभाला. विरासत को आगे बढ़ाते हुए जब शिबू सोरेन के विकल्प के रूप में हेमंत सोरेन राजनीति में आए, तब रवि केजरीवाल एंड एसोसिएट्स ने हेमंत के काम का जिम्मा संभाला. हेमंत के राजनीति में आने के बाद रवि केजरीवाल पर ही फंड जुगाड़ने की सारी जिम्मेदारी आ गयी. जिसे अंजाम देने में रवि केजरीवाल ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ा. जमाना बदल चुका था. जमीन के काम से पैसों को खपाने का काम कारगर नहीं रह गया था. कॉरपोरेट कल्चर की शुरुआत हो चुकी थी. रवि केजरीवाल पर यह भी आरोप लगते रहे कि इन्होंने भी अपने काम का कल्चर बदला. मनी लॉन्ड्रिंग का तरीका शेल कंपनी बना कर करने लगे.
कोलकाता में शेल कंपनी खोलने का लगा आरोप
शेल कंपनी खोल कर ब्लैक मनी को वाइट करने का एक नायाब तरीका चल पड़ा था. उस वक्त कलकत्ता और अभी के कोलकाता के महात्मा गांधी रोड और गणेश चंद्र एवेन्यू इन शेल कंपनियों का ठिकाना था. आज भी इन दोनों ठिकानों पर छोटे-छोटे पीओ बॉक्स नजर आ जाएंगे. इन्हीं पीओ बॉक्स के नंबर के आधार पर फर्जी कंपनियां बनायी जाती थी. सभी कंपनियों का पता पिन कोड नंबर 700001 से लेकर 700091 हुआ करता था. कहा जाए तो ये डब्बा ही कंपनी होती थी. जिसके जरिए मनी लॉन्ड्रिंग का काम होता था. जब रवि केजरीवाल जेएमएमए के साथ थे तो बीजेपी हमेशा यह आरोप लगाते रही कि शेल कंपनी के काम में रवि केजरीवाल को महारथ हासिल है. अब उसी रवि केजरीवाल पर हेमंत सरकार को गिराने का आरोप लग रहे हैं.




