
Chandi Dutta Jha
Ranchi : नशीले पदार्थों के उत्पादन, व्यवसाय, तस्करी या खरीद-बिक्री में लगातार सक्रिय रहने वाले लोगो की अब खैर नहीं है. राज्य में ऐसे लोगों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध पीआईटी एनडीपीएस एक्ट (द प्रीवेंशन ऑफ इलीसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टांसेस एक्ट- 1988) के तहत कार्रवाई की जाएगी. झारखंड के खुंटी जिले के मारंगहादा इलाके का रहने वाला ड्रग माफिया मनीष मुंडा और लेम्सा मुंडा पर पिट एनडीपीएस की कार्रवाई की गृह विभाग ने स्वीकृति मिलने के बाद खुंटी पुलिस ने कार्रवाई शुरु कर दी है. खुंटी पुलिस ने पिट एनडीपीएस की कार्रवाई के लिए 7 लोगों की रिपोर्ट गृह विभाग को भेजी गई थी. जिस लेम्सा मुंडा और मनीष मुंडा पर कार्रवाई की मुहर लगा दी. इसके बाद लेम्सा मुंडा को खुंटी पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. इसकी पुष्टि खुंटी एसपी अमन कुमार ने की है. हालांकि मनीष मुंडा अबतक फरार है. तस्करों के विरुद्ध पिट एनडीपीएस सीसीए जैसी कार्रवाई मानी जाती है. जानकारी के अनुसार पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत किसी ड्रग माफिया के विरुद्ध राज्य में यह पहली कार्रवाई हुई है.
जानिए क्या होता है पिट एनडीपीएस एक्ट
पिट यानी पीआइटी एनडीपीएस एक्ट 1988 उन गंभीर नशे का कारोबार करने वाले अपराधियों पर लगाया जाता है जो लगातार उस अपराध में शामिल पाए जाते हैं. यह उन अपराधियों के खिलाफ लगाया जाता है जिनका जेल में बंद किया जाना बेहद जरूरी हो जाता है. यह एक्ट लगने के बाद अपराधी को छः माह तक जमानत नहीं मिल पाती है. एक्ट के तहत विभिन्न जिलों के उपायुक्त और एसपी उन्हीं अभियुक्तों के नाम का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजेंगे, जो लगातार इस मामले में शामिल होते आ रहे हैं और उनको जेल में बंद करना जरूरी है. इस एक्ट के तहत अभियुक्त को छः साल तक जमानत नहीं मिलती है. ऐसे में अगर गिरफ्तार किए गए किसी अभियुक्त के मामले में पीआईटी एनडीपीएस एक्ट 1988 के तहत प्रस्ताव आता है और वह मंजूर हो जाता है, तब अभियुक्त को छः माह तक जमानत मिलना मुश्किल होगी.
डोडा और अफीम नष्ट करेगी खुंटी पुलिस
खुंटी पुलिस मादक पदार्थ की विनष्टीकरण की कार्रवाई करेगी. 325 किलो डोडा और 10 किलो अफीम की विनष्टीकरण के लिये बीते 23 जून को कमेटी के साथ बैठक में निर्णय लिया गया था. 18 जुलाई को इन मादक पदार्थो का विनष्टीकरण किया जायेगा. गौरतलब हो कि झारखंड में मादक द्रव्यों की जब्ती, भंडारण व विनष्टीकरण को लेकर राज्य सरकार ने सभी विभागों, प्रमंडलीय आयुक्तों, सभी उपायुक्तों, सभी एसएसपी, एसपी और सभी उत्पाद अधीक्षकों को आदेश दिया है. आदेश में सुप्रीम कोर्ट के आदेश और केंद्रीय वित्त मंत्रालय की अधिसूचना का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि किसी भी मादक द्रव्य की तलाशी, जब्ती, भंडारण व विनष्टीकरण की कार्रवाई राजपत्रित अधिकारी की उपस्थिति में ही होगी. पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी.
झारखंड के इन इलाको में होती है खेती
– रांची जिले के नामकुम, बुंडू और तमाड़ थाना क्षेत्र में,
– खूंटी जिले के खूंटी, मारंगहादा और मुरहू थाना क्षेत्र में,
– सरायकेला खरसांवा जिले के चौका थाना क्षेत्र में,
– गुमला जिले के कामडारा थाना क्षेत्र में,
– लातेहार जिले के बालूमाथ, हेरहंज और चंदवा थाना क्षेत्र में,
– चतरा जिले के लावालौंग, सदर, प्रतापपुर, राजपुर, कुंदा और विशिष्ठनगर में,
– पलामू जिले के पांकी, तरहसी, मनातू गढ़वा और खरौंदी में,
– हजारीबाग जिले के तातुहरिया और चौपारण में,
– गिरिडीह जिले के पीरटांड़, गनवा, डुमरी, लोकनयानपुर और तिसरी,
– देवघर जिले के पालाजोरी में,
– दुमका जिले के शिकारीपाड़ा, रामगढ़, रनेश्वर और मसलिया में,
– गोड्डा जिले के माहेरवान में,
– पाकुड़ जिले के हिरणपुर में,
– जामताड़ा जिले के नाला और कुंडीहाट में,
– साहेबगंज जिले के बरहेट और तालीहारी में.
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