
Ranchi : 18 जुलाई को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद (राष्ट्रपति) के लिये वोटिंग होगी. झारखंड के 81 विधायक भी कल इसके लिये वोट डालेंगे. चुनाव में खड़े यशवंत सिन्हा और द्रौपदी मुर्मू की जीत तय करने को पक्ष-विपक्ष जोर लगाएगा. भाजपा जहां द्रौपदी की जीत के प्रति आश्वस्त है, वहीं कांग्रेस यशवंत सिन्हा को इस पद पर बिठाने को जोर आजमाइश में लगी है. पर झारखंड विधानसभा के सदस्यों का हिसाब किताब देखें तो द्रौपदी मुर्मू को दो तिहाई वोट मिलना तय हैं. भाजपा के साथ आजसू पार्टी के दो विधायकों के अलावा दो निर्दलीयों के संग संग विधायक कमलेश सिंह ने भी उनके पक्ष में मतदान करने का फैसला किया है. विधायक सरयू राय ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं. एनडीए को इसके अलावा सत्तारूढ़ झामुमो का भी समर्थन मिल गया है. ऐसे में यशवंत सिन्हा को अपने ही राज्य से केवल कांग्रेस और राजद के विधायकों का ही मत मिलने की उम्मीद है.

झारखंड से वोटों का यह है हिसाब
झारखंड के एक विधायक के वोट का कुल मूल्य 176 होता है. इस आधार पर एनडीए (आजसू पार्टी और दो निर्दलीय) के पास कुल 16480 वोट हैं. अब झामुमो के समर्थन की घोषणा के बाद कुल वोटों का मूल्य 23860 हो गया है. झारखंड में सभी सांसदों और विधायकों के कुल वोटों का मूल्य 28256 है. ऐसे में द्रौपदी के पक्ष में जबर्दस्त समीकरण यहां से बन गया है.
अभी देश भर में द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में समीकरण बनते दिख रहे हैं. 18 जुलाई को होने वाले चुनाव में मुर्मू को करीब दो-तिहाई वोट मिलने की संभावना है. अभी तक की स्थिति के मुताबिक चुनाव में 10,86,431 मतों में से द्रौपदी को 6.67 लाख से अधिक वोट मिलने की गारंटी बन गयी है. इनमें से 3.08 लाख वोट सत्तारूढ़ भाजपा और उसके सहयोगी दलों के हैं. वोट वैल्यू के हिसाब से यूपी के विधायकों का वोट वैल्यू सबसे अधिक (208) है. इसके बाद तमिलनाडु और झारखंड (176-176) हैं.
क्या है एनडीए-यूपीए की तैयारी
गौरतलब है कि द्रौपदी की जीत तय करने को प्रदेश भाजपा कमर कसे हुए है. पार्टी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी की अगुवाई में सभी विधायक 18 जुलाई को होने वाली वोटिंग से संबंधित सभी तकनीकी पहलुओं और वोटिंग करने के तरीकों को सीख रहे हैं. 16 जुलाई से पार्टी के सभी विधायक रांची में ही जुट चुके हैं. उधर, यशवंत सिन्हा 16 जुलाई को रांची पहुंचे थे. कांग्रेस के झारखंड प्रभारी अविनाश पांडे के अलावे पार्टी विधायकों के साथ बैठे भी. उनसे समर्थन मांगा. इसके अलावे सीएम हेमंत सोरेन से भी मुलाकात के क्रम में अपनी अंतरात्मा के आधार पर उनसे समर्थन देने की अपील की थी.
विधानसभा ने जारी किये निर्देश
झारखंड विधानसभा परिसर में राष्ट्रपति चुनाव के लिये जरूरी व्यवस्था तकरीबन पूरी कर ली गयी है. यहां तीन दिनों पहले ही मतदान सामग्री आ चुकी है. यहां राज्य के 81 विधायक वोट डालेंगे. मतदान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ही होगा. विधायकों को अपने साथ अपना पहचान पत्र (विधान सभा द्वारा जारी), फोटो पहचान पत्र, निर्वाचन प्रमाण पत्र लाना होगा. साथ ही उनके लिये कई जरूरी निर्देश भी जारी किये गये हैं. किसी भी स्थिति में सेल्यूलर फोन, कार्डलेस फोन, वायरलेस सेट इत्यादि ले जाने की अनुमति नहीं होगी. विधायकों के अलावे अगर कोई सांसद विधानसभा स्थित न्यायाधिकरण (ट्रिब्यूनल) कक्ष (पश्चिमी विंग का कमरा संख्या GW042) में ही वोट डालना चाहे तो निर्वाचन आयोग से मिली अनुमति के आधार पर ही उन्हें भी मौका मिलेगा.
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