West Bengal

प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए राज्य परिवहन विभाग ने लिया बड़ा फैसला, कोलकाता की सड़कों पर उतारी और 20 इलेक्ट्रिक बसें

Kolkata: महानगर कोलकाता में प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए राज्य परिवहन विभाग ने और 20 इलेक्ट्रिक बसें गुरुवार से सड़कों पर उतारी हैं. कलकत्ता स्टेट ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन की ओर से इन बसों को सड़कों पर उतारा गया है जो महानगर के विभिन्न रूटों पर चलेंगी. कोलकाता के अलावा चार उपनगरीय क्षेत्रों में भी इन बसों को चलाया जायेगा.

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष कल्याण रूद्र ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय हरित न्यायालय (एनजीटी) में दाखिल की गयी रिपोर्ट में पूरे देश के 102 शहरों में प्रदूषण बढ़ने की आशंका व्यक्त की गयी है. इसमें पश्चिम बंगाल से आसनसोल, रानीगंज, दुर्गापुर, बैरकपुर, हावड़ा और हल्दिया शामिल हैं. छह महीने के अंदर इन शहरों में प्रदूषण रोकथाम की रूपरेखा तैयार की जायेगी. इन शहरों में भी सरकारी परिवहन के तौर पर इलेक्ट्रिक बसों को चलाया जायेगा.

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मौके पर मौजूद राज्य के परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि महानगर समेत उपनगरीय क्षेत्रों में और अधिक इलेक्ट्रिक बसें अथवा सीएनजी से चलनेवाली बसें चलें, इसके लिए राज्य सरकार लगातार सक्रिय है. ई-रिक्शा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. इन बसों की लंबाई 12 मीटर है. आगामी कुछ महीनों के अंदर और 150 ई-बसें सड़कों पर उतारी जायेंगी. इसमें से आसनसोल में 25, सिलीगुड़ी में 25, राजारहाट न्यू टाउन में 50 और हल्दिया के विभिन्न रूटों पर 50 बसों को चलाया जायेगा. सड़कों के बीच चार्जिंग की समस्या ना हो इसलिए 55 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किये गये हैं. परिवहन मंत्री ने बताया कि उन चार्जिंग स्टेशनों पर सरकारी बसों के अलावा निजी बस और निजी गाड़ियां भी चार्ज की जा सकेंगी. उसके लिए मालिकों को केवल बिजली का खर्च उठाना पड़ेगा.

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इसके अलावा पूरे राज्य में सुरक्षित यातायात के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने “सेफ ड्राइव, सेव लाइफ” परियोजना की शुरुआत की है. इसकी प्रशंसा पूरे देश में हुई है लेकिन आरोप है कि इसकी आड़ में पुलिसकर्मी वाहन चालकों से रंगदारी वसूल रहे हैं. इसकी शिकायतें राज्य सरकार के पास पहुंचायी गयी हैं. परिवहन मंत्री ने कहा कि साधारण लोगों से जुर्माना वसूली अथवा आम लोगों को परेशानी में डालने हेतु इस परियोजना की शुरुआत नहीं की गयी थी बल्कि लोगों को सचेत करने के लिए की गयी थी. पुलिसकर्मियों को यह बात समझनी होगी. बसों के उद्घाटन के मौके पर परिवहन मंत्री ने पिछले दिनों सड़क दुर्घटना में मारे गये कई लोगों के परिजनों को आर्थिक मदद का चेक दिया. पहले दुर्घटना में मारे गये लोगों को महज 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिलती थी लेकिन अब राज्य सरकार ने इसे बढ़ा कर दो लाख कर दिया है.

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