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रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्बन गोस्वामी को बेल या जेल, SC में सुनवाई आज, दुष्यंत दवे का एतराज

अर्बन गोस्वामी को अंतरिम जमानत देने से इनकार करने के बंबई उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अर्नब की अपील दायर होने के कुछ घंटों में ही सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया

Mumbai :  रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्बन गोस्वामी की अंतरिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज  बुधवार को सुनवाई है. खबर है कि सुप्रीम कोर्ट के जज डीवाई चंद्रचूड़ और जज इन्दिरा बनर्जी की पीठ अर्नब गोस्वामी की अंतरिम जमानत की अपील पर सुनवाई करेगी.

बता दें कि अर्बन गोस्वामी को अंतरिम जमानत देने से इनकार करने के बंबई उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अर्नब की अपील दायर की थी.  सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने इसे आज,11 नवंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट सुबह साढ़े दस बजे सुनवाई करेगा.

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दवे ने आपत्ति जताई कि अर्णब की याचिका दायर होते ही लिस्ट हो गयी

वरिष्ठ अधिवक्ता और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दुष्यंत दवे ने सुप्रीम कोर्ट के महासचिव को  अर्णब गोस्वामी के मामले में बिल्कुल कड़े शब्दों में एक पत्र लिखा है. दवे ने इस पत्र में अर्णब की जमानत याचिका को सुनवाई के लिए अगले ही दिन लिस्ट करने पर सवाल उठाया है.

दवे ने इस बात पर आपत्ति जताई कि अर्णब की याचिका तो दायर होते ही लिस्ट हो गयी,  लेकिन ऐसे ही कुछ मामलों में इस तरह की त्वरित कार्रवाई नहीं हुई थी. उन्होंने रजिस्ट्री के महासचिव से यह भी पूछा कि क्या अर्णब गोस्वामी की याचिका पर तुरंत सुनवाई को लेकर चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने तो विशेष निर्देश नहीं दे रखे हैं?

गोस्वामी की याचिका पर आज सुनवाई होनी है और दवे ने यह पत्र मंगलवार रात 8.15 बजे लिखा है. उन्होंने अपने पत्र में कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के महीनों जेल में रहने का भी हवाला दिया है

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बंबई उच्च न्यायालय ने  राहत के लिए निचली अदालत जाने को कहा था

नौ नवंबर को अर्नब गोस्वामी और दो अन्य को अंतरिम जमानत देने से इनकार करते हुए बंबई उच्च न्यायालय ने कहा था कि उन्हें राहत के लिए निचली अदालत जाना चाहिए. हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर आरोपी अपनी ‘गैरकानूनी गिरफ्तारी’ को चुनौती देते हैं और जमानत की अर्जी दायर करते हैं तो संबंधित निचली अदालत चार दिन के भीतर उस पर निर्णय करेगी.

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महाराष्ट्र सरकार ने  न्यायालय में कैविएट दाखिल किया

अर्णब ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील में महाराष्ट्र सरकार के साथ ही अलीबाग थाने के प्रभारी, मुंबई के पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह को भी पक्षकार बनाया है. इस बीच, महाराष्ट्र सरकार ने भी अपने अधिवक्ता सचिन पाटिल के माध्यम से न्यायालय में कैविएट दाखिल की है ताकि उनका पक्ष सुने बगैर गोस्वामी की याचिका पर कोई आदेश नहीं दिया जाये.

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अलीबाग थाने की पुलिस ने चार नवंबर को, इंटीरियर डिजायनर की कंपनी की बकाया राशि का कथित रूप से भुगतान नहीं करने के कारण अन्वय नाइक और उनकी मां को कथित रूप से आत्महत्या के लिये बाध्य करने के मामले में, अर्नब को गिरफ्तार किया था.

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