
Ranchi : झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने झाविमो के भाजपा में विलय किये जाने पर आयोजित कार्यक्रम पर दिये गये भाषणों पर कटाक्ष करते हुए कहा, इस तरह की राजनीति पहली बार देखने को मिल रही है. सुप्रियो ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, राज्य में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाले रघुवर दास शायद भूल गये होंगे कि उनके कार्यकाल में मुख्यमंत्री आवास के गेट के सामने हत्या हुई. राज्य में 12 मॉब लिंचिंग की घटनाओं को अंजाम दिया गया.

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2001 से फरवरी 2002 के बीच 66 पुलिसकर्मियों की हत्या
18 लोग बच्चा चोरी के नाम पर व 62 डायन के नाम पर हिंसा के शिकार बने. हर दिन राजधानी के बीचो-बीच हत्याएं होती रही. पिछले 5 सालों में महिलाओं के साथ दुष्कर्म की जो घटनाएं हुई,वह आज तक कीर्तिमान है. एक कीर्तिमान बाबूलाल मरांडी के शासन का भी रहा है.जनवरी 2001 से फरवरी 2002 के बीच में 66 पुलिसकर्मियों की हत्या हुई थी. जिस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेकर कहा कि यहां जंगल राज है.यह बात श्याद बाबूलाल भूल गये हैं.
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झारखंड में सत्ता गंवाने की दिख रही बौखलाहट
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि भारतीय राजनीति में आज तक इस तरह की बौखलाहट विपक्ष में नहीं दिखी, जिस तरह झारखंड में देखने को मिल रही है. समारोह में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सात लाख किलोमीटर की यात्रा कर झारखंड की तकलीफों को समझा है.
बाबूलाल को याद दिलाना चाहता हूं कि जब आप मुख्यमंत्री थे, तो कोयलकारो आंदोलन में गोलीकांड की घटना का अंजाम दिया गया था. वहीं रघुवर सरकार में जिस कदर जमीन की लूट के साथ आदिवासियों की पहचान के साथ खिलवाड़ हुआ है. बाबूलाल मरांडी को राज्य की जनता को बताना चाहिए कि अब राज्य में स्थानीयता नीति में 1932 चलेगा या 1985.
पूर्व सरकार के कार्यों की समीक्षा हो रही है, विपक्ष परेशान है
हेमंत सरकार बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है. इस आरोप पर सुप्रियो ने कहा, बेदाग और पाक साफ कहे जाने वाली रघुवर सरकार के कार्यकाल का वर्तमान सरकार समीक्षा कर रही है. ऐसे में किस बात की आपत्ति विपक्ष को हो रही है. यह समझ से बाहर है.
झारखंड में डरा धमकाकर काम नहीं चलेगा
अमित शाह के भाषण पर कटाक्ष करते हुए सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा, देश में संवैधानिक ढांचा बना हुआ है. कान पकड़कर काम कराने जैसी बातें केन्द्रीय गृह मंत्री को शोभा नहीं देती. गृह मंत्री शायद भूल गये हैं कि हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में क्या हुआ? गृह मंत्री गुलीकेरा नरसंहार की जांच एनआईए से करना चहते है, पहले बकोरिया कांड एवं फर्जी नक्सल सरेंडर की जांच एनआईए से कराना चाहिए माननीय गृह मंत्री को. केंद्र और राज्य का संबंध भाई -भाई का होता है. जहां डरा धमकाकर काम नहीं चलता.
भाजपा में होगी बाबूलाल की अग्नि परीक्षा
सुप्रियो भट्टाचार्य ने भाजपा में झाविमो के विलय पर कहा, खंड -खंड में बटी भाजपा में एक खंड और . बाबूलाल भाजपा के हो गये हैं. बाबूलाल को डोमिसाइल आंदोलन, जिंदल, डानी, पैनएम के खिलाफ जमीन की लड़ाई पर भी अपना रुख राज्य की जनता के समक्ष स्पष्ट करना चाहिए.
विपक्ष सकारात्मक सोच के साथ आये सामने
भट्टाचार्य ने कहा, हेमंत सरकार किसी के साथ पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर काम नहीं कर रही है. विपक्ष सकारात्मक सोच के साथ सामने आये, सरकार स्वागत करेगी. हमारी कमियों को गिनाये, हम सुधारने का प्रयास करेंगे, लेकिन धमकी भरी बातें कतई बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
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