JamtaraJharkhandLead News

लॉकडाउन में JSLPS ने रोक लिया 64 हजार गरीबों के मुंह का आहार, आठ महीने से लाभुक अपने हक का कर रहे इंतजार

  • जामताड़ा में आंगनबाड़ी लाभुकों को JSLPS ने आठ महीने से नहीं दिया है पोषाहार
  • जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने कहा- सरकार के पास बकाया है JSLPS के बिल का भुगतान, पोषाहार वितरण चालू करने के लिए लिखा गया है पत्र

Anwar Hussain

Jamtara : सरकार ने राज्य से कुपोषण को दूर करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र में पोषाहार योजना की शुरुआत की. लाभुकों को समय पर पोषाहार मिले, इसकी जिम्मेदारी सरकार ने जेएसएलपीएस संस्था (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रोमोशन सोसायटी) को सौंपी. लेकिन, लॉकडाउन के बाद से अभी तक जेएसएलपीएस ने मात्र दो ही महीने का पोषाहार लाभुकों को उपलब्ध कराया है.

वह भी सिर्फ चावल और दाल का ही वितरण किया गया है. जेएसएलपीएस को चावल भी एफसीआई से दिया जाता है. यानी जेएसएलपीएस ने अपने स्तर से अभी तक दो महीने में सिर्फ दाल का ही वितरण किया है. जबकि, पोषाहार योजना के तहत लाभुकों को गुड़, मूंगफली, आलू, तेल भी दिया जाता है.

इसे भी पढ़ें –जब घटी कोरोना की रफ्तार, तब मरीजों को भोजन कराने की तैयारी कर रहे ‘सरकार’

लॉकडाउन अवधि में लभुकों को सिर्फ मार्च का मिला पोषाहार

लॉकडाउन अवधि में केवल मार्च माह का ही पोषाहार लाभुकों को मिला है. इसमें भी केवल चावल और दाल का ही वितरण किया गया है. शेष पोषाहार नहीं दिया गया. अब आठ महीने होने को हैं, लेकिन जेएसएलपीएस ने आंगनबाड़ी केंद्रों को कोई पोषाहार उपलब्ध नहीं कराया है. जेएसएलपीएस ने आंगनबाड़ी केंद्रों को पिछले आठ महीने से पोषाहार उपलब्ध नहीं कराया है, इसकी जानकारी होने की बात जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेहा कश्यप ने भी स्वीकारी है.

बता दें कि जेएसएलपीएस को मिली जिम्मेदारी के मुताबिक उसे अपने स्तर पर पोषाहार खरीदकर अपने अधीन सखी मंडल को देना होता है. यह सखी मंडल पोषाहार की वह खेप आंगनबाड़ियों को उपलब्ध कराता है. जेएसएलपीएस इस पोषाहार खरीद का बिल राज्य सरकार को देती है और राज्य सरकार जेएसएलपीएस को इस बिल का भुगतान करती है.

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेहा कश्यप ने बताया कि राज्य सरकार के पास अभी जेएसएलपीएस के पोषाहार खरीद का कुछ बिल बकाया है. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि जेएसएलपीएस ने सरकार के पास पिछला बिल बकाया होने की वजह से पोषाहार का वितरण रोका है या किसी अन्य कारण से. स्नेहा कश्यप ने बताया कि सरकार की ओर से जेएसएलपीएस को आंगनबाड़ी लाभुकों में पोषाहार वितरण करने के लिए पत्र लिखा गया है.

इसे भी पढ़ें –हाइस्कूल शिक्षक नियुक्ति मामले में हाइकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

पोषाहार रोका जेएसएलपीएस ने, बदनाम हो रहीं आंगनबाड़ी सेविकाएं

कई आंगनबाड़ी सेविकाओं ने कहा कि जब से जेएसएलपीएस को पोषाहार उपलब्ध कराने का जिम्मा दिया गया है, तब से लाभुकों को समय पर पोषाहार नहीं मिल रहा है. कभी सखी मंडल से कम पोषाहार मिलता है, तो कभी समय पर नहीं मिलता है. उन्होंने कहा कि जब विभाग से पोषाहार की आपूर्ति होती थी, तो लाभुकों को समय पर उसका लाभ मिल जाता था.

उन्होंने कहा कि लाभुकों के समक्ष आंगनबाड़ी सेविकाएं बदनाम हो रही हैं. ऊपर से कुपोषण को लिए सेविकाओं को ही जिम्मेदार ठहराया जाता है. अब जब खुद सरकार ही ध्यान नहीं दे रही है, तो कुपोषण कैसे दूर होगा.

इसे भी पढ़ें – पहली बार झारखंड आयी यह ‘तिब्बती मेहमान’, उत्साहित हुआ वन विभाग

जामताड़ा जिला में कुल 64 हजार 447 हैं लाभुक

जामताड़ा जिले में कुल 1189 आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिनमें कुल लाभुकों की संख्या 64 हजार 447 है. जिले के लाभुकों की संख्या इस प्रकार से है- 6 माह से 3 वर्ष तक के कुल 45 हजार 383 लाभुक, गर्भवती महिलाएं 9 हजार 252, धातृ माताएं 9 हजार 813 हैं. इन्हें आठ माह से पोषाहार नहीं मिल रहा है. ऐसे में ग्रामीणों के कोपभाजन का शिकार गांव में आंगनबाड़ी सेविकाएं ही हो रही हैं.

इसे भी पढ़ें – Palamu : दो नक्सलियों के परिवारों को मिली जमीन, आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति के तहत उपायुक्त ने जमीन बंदोबस्त के दिये कागजात

पोषाहार वितरण के लिए जेएसएलपीएस को पत्र लिखा गया है

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेहा कश्यप.

: जिला समाज कल्याण पदाधिकारी

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेहा कश्यप ने कहा कि आठ महीने से लाभुकों को पोषाहार नहीं मिला है, इसकी जानकारी है. लेकिन, पोषाहार वितरण अब जेएसएलपीएस के जिम्मे है. उसे पोषाहार वितरण हेतु पत्राचार किया गया है.

इसे भी पढ़ें – बिहार चुनाव :  बोले तेज, नीतीश कुमार का जाना तय है… मैंने तेजस्वी को आशीर्वाद दिया है… कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता

Related Articles

Back to top button