Jamshedpur

वनवास के बाद जमशेदपुर में #JSCA की AGM आघे घंटे में खत्म, कीनन स्टेडियम पर चर्चा के नाम पर खानापूर्ति

Jamshedpur: 14 साल बाद जमशेदपुर में झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) की सालाना बैठक हुई. मुख्यालय में हुई बैठक महज आधे घंटे में खत्म हो गई. कीनन स्टेडियम जैसे विषय पर भी पांच मिनट से भी कम समय के लिए चर्चा हुई.

उस चर्चा में सभी सदस्यों से कीनन में इंटरनेशनल मैच कराए जाने पर सहमति मांगी गई. सभी ने एक सुर में अपनी सहमति दी. बस विषय को यहीं समाप्त कर बैठक आगे बढ़ गई. पूरी बैठक पूर्व अध्यक्ष अमिताभ चौधरी के इर्द-गिर्द ही घुमती दिखी. बीच-बीच में उनके किस्से सुनाए गए.

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जबकि उम्मीद की जा रही थी कि कीनन स्टेडियम पर ठोस फैसला सामने आएगा ताकि जमशेदपुर में क्रिकेट फैन्स के अंतरराष्ट्रीय मैच का इंतजार खत्म हो सकेगा. बैठक में 240 से ज्यादा सदस्य मौजूद थे, लेकिन ये एजीएम से ज्यादा गेट-टू-गेदर की तरह था. पूरे एजीएम का ब्लूप्रिंट पहले से ही तैयार था केवल औपचारिक मुहर के लिए सभी जमशेदपुर पहुंचे.

दो फैसले छोड़ बाकी सब ठंडे बस्ते में

सबसे पहले टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को आजीवन सदस्यता दी गई जो की होना ही था. इससे भला कौन इनकार कर सकता है. दूसरा पूर्व अध्यक्ष और बीसीसीआई के ज्वाइंट स्क्रेटरी अमिताभ चौधरी को दफ्तर समर्पित किया गया. जेएससीए में ये पहली बार है कि पूर्व अध्यक्ष के नाम पर आजीवन दफ्तर समर्पित रहेगा. इन दो मुददों पर ही सदस्यों की गर्माहट दिखी उसके बाद सबकुछ फिक्स था.

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आनन-फानन में साल भर का हिसाब-किताब सबके समाने रखा गया जिसे सदस्यों ने एक बार झांकना भी जरुरी नहीं समझा. कीनन जैसे गंभीर विषय पर कैसे आगे काम बढ़ेगा ? उसकी रुपरेखा क्या होगी ? टाटा प्रबंधन से कब बातचीत का दोर शुरु होगा? या उसका प्रतिनिधित्व कौन करेगा? ये सारी चर्चा बैठक से गायब रही.

आपको बता दें कि कीनन में इंटरनेशनल मैच तभी संभव है जब स्टेडियम नए सिरे से डेवलप होगा. सवाल ये नहीं है कि कीनन के अच्छे दिन कब आएंगे, सवाल ये है कि जब कीनन में इंटरनेशनल मैच को लेकर सबकी सहमति पहले से ही तय थी तो बैठक में एक्शन प्लान को लेकर चर्चा क्यों नही हुई? इस मुद्दे पर भी हल्की-फुल्की चर्चा यही दर्शाती है की कीनन को अभी और इंतजार करना होगा.

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