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जनवरी में होंगी परीक्षाएं, प्रयोगशाला बनाने को झारखंड शिक्षा परियोजना ने अब निकाला करोड़ों का टेंडर

Ranchi: झारखंड सरकार का शिक्षा विभाग शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर कितना संजीदा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि परीक्षाएं शुरू होने से एक माह पहले प्रयोगशाला बनाने के लिए टेंडर निकाला गया है.

झारखंड शिक्षा परियोजना की ओर से बाजाप्ता विज्ञापन जारी कर ऑनलाइन टेंडर मंगाये जा रहे हैं. गौरतलब हो कि कक्षा आठ से 12 वीं तक कई विषयों के प्रैक्टिकल कराये जाते हैं. अब जब इन कक्षाओं की परीक्षाएं जनवरी से शुरू होंगी, ऐसे में प्रयोगशाला कैसे तैयार हो पायेगी.

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228 सरकारी स्कूलों में बननी है प्रयोगशाला

झारखंड शिक्षा परियोजना की ओर से जारी टेंडर नोटिस के अनुसार 288 सरकारी स्कूलों में वोकेशनल कोर्सेस के लिए प्रयोगशाला का निर्माण, इक्विपमेंट उपलब्धता, उनका इंस्टालेशन और रख रखाव कार्य करना है.

यह टेंडर 4 करोड़ 70 लाख रुपये का है. अहम बात यह है कि ई-टेंडर के लिए प्रपोजल 23 नवंबर तक दिया जा सकता है.

कागजों में हो रहा प्रैक्टिकल

विभिन्न शिक्षकों के अनुसार परीक्षा से दो माह पहले प्रयोगशाला निर्माण कार्य करना अव्यावहारिक है. परीक्षा से पहले प्रयोगशाला निर्माण कराने के लिए टेंडर निकालने का साफ मतलब है कि पूरे साल स्कूलों में विद्यार्थियों ने प्रैक्टिकल नहीं किये हैं.

शिक्षक बताते हैं कि जब विद्यार्थियों ने पूरे साल प्रैक्टिकल किया ही नहीं तो फिर सीधा परीक्षा में कैसे प्रैक्टिकल करेंगे. केवल 228 स्कूलों की बात करें तो यहां 13 सौ से अधिक विद्यार्थियों बिना प्रैक्टिकल किये बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे.

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हर साल बड़ी संख्या में बोर्ड परीक्षा में शामिल होनेवाले विद्यार्थियों की कागज पर ही प्रैक्टिकल परीक्षा ली जा रही है.

गांव नहीं शहर के स्कूलों में नहीं है प्रयोगशाला

शिक्षक नेता गंगा प्रसाद यादव बताते हैं कि ऐसा करना विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना है. वहीं शिक्षक नदीम अंसारी कहते हैं कि जिन 228 स्कूलों में प्रयोगशाला निर्माण के लिए टेंडर निकाला गया है, उनमें अधिकांश ग्रामीण इलाके के स्कूल हैं.

ऐसा नहीं है कि शहर के बीच में स्थित मारवाड़ी स्कूल, बालकृष्णा प्लस टू जैसे स्कूलों में प्रयोगशाला दुरुस्त है और विद्यार्थी वहां प्रैक्टिकल कर रहे हैं.

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