
Ranchi: झारखंड राज्य जिला ग्रामीण विकास अभिकरण सेवा संध ने अपनी तीन सूत्री मांग को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मिला ओर उन्हें ज्ञापन सौंपा है. प्रदेश सचिव माणिक चंद्र प्रजापति ने बताया कि सभी डीआरडीए कर्मियों व पदाधिकारियों की नियुक्ति डीएआरडीए नियुक्ति सेवा शर्त नियमावली 2008 के तहत वित्त विभाग के संकल्प के अनुसार की गयी. भारत सरकार के 1 नवंबर 2021 के द्वारा जिला ग्रामीण विकास अभिकरण को एक अप्रैल 2022 के प्रभाव से बंद करते हुए राज्य सरकार को डीआरडीए में कार्यरत कर्मियों-पदाधिकारियों का समायोजन जिला परिषद, जिला पंचायत व अन्य सरकारी विभागों में करने का निर्देश दिया गया है.
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ऐसे में डीआरडीए कर्मियों के समायोजन की प्रक्रिया दिनांक 1 अप्रैल 2022 से ही लंबित है, इस वजह से लगभ ग 400 कर्मियों के सामने असमंजस सी स्थिति है, वे अपने भविष्य को लेकर चिंत्तित भी हैं. ऐसे में सरकार का अविलंब उनकी मांगों को पूरा करना चाहिए. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने संघ की मांग को गंभीरतापूर्वक सुना है और जल्द ही अग्रेतर कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है.

ये प्रमुख मांग
मंत्रिपरिषद की स्वीकृति एवं वित्त विभाग के आलोक में डीआरडीए कर्मियों का वेतन निर्धारण किया जाये।
डीआरडीए कर्मियों, पदाधिकारियों को सरकारी विभागों में समायोजन कराया जाये।
उीआरडीए के तीन मृत कर्मियों के आश्रितों को अविलंब सरकारी प्रावधानों के आलोक में अनुकंपा पर नौकरी दी जाये।




