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Jharkhand : कहीं पेड़ के नीचे तो कहीं शौचालय में रहने को मजबूर हैं लोग

Ranchi: केंद्र और राज्य सरकारें हर गरीब को प्रधानमंत्री आवास देने की बात भले ही कर रही हों पर झारखंड में अलग-अलग जिलों से ऐसी तस्वीरें सामने आयी हैं जो सरकारी वादों और दावों का खोखलापन उजागर कर रही हैं. गुमला जिले के घाघरा में जहां एक किसान पेड़ को आशियाना कर रहने को मजबूर है, वहीं दूसरी ओर जामताड़ा जिले में एक दंपती को शौचालय में रहना पड़ रहा है.

गुमला जिले के घाघरा प्रखंड के बिमरला पंचायत में बियार वर टोली के एक किसान अगापित केरकेट्टा का घर धंस जाने के बाद बीते पांच वर्षों से पेड़ ही उसका आशियाना बना हुआ है. केरकेट्टा लगभग 56 वर्ष के हैं. उनके दो पुत्र है. पांच साल पहले गरीबी होने के कारण वे बाहर कमाने गये जो अभी तक नहीं लौटे हैं.

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इसी बीच अगापित का घर गिर गया. घाघरा प्रखंड कार्यालय में कई बार आवेदन देने के वावजूद उनका प्रधानमंत्री आवास नहीं बना तो थक हर कर पेड़ के नीचे ही रहने लगे. ग्रामीणों की मानें अगापित के भाई भी हैं लेकिन कोई मदद नहीं कर रहा है.

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गांव वालों की मानें तो प्रखंड मुख्यालय से इस गांव में किसी को आज तक एक भी आवास योजना का लाभ नहीं मिला है.
प्रखंड विकास पदाधिकारी विष्णु देव ने कहा कि पंचायत सेवक के माध्यम से जांच कराकर उसे जल्द उसका प्रधानमंत्री आवास दिया जायेगा.

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यहां शौचालय में रह रहे दंपती

झारखंड के जामताड़ा से शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आयी है. यहां पर एक दंपती को शौचालय में रहना पड़ रहा है.
मामला कुंडहित प्रखंड क्षेत्र के नाटूलतला गांव का है. भूतनाथ घोष और उसकी पत्नी के पास रहने के लिए घर नहीं है. वे स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाये गये शौचालय में रह रहे हैं.

भूतनाथ को दिखाई नहीं देता और उनकी पत्नी ही उनका एकमात्र सहारा हैं. किसी तरह से मेहनत-मजदूरी करके उनका गुजारा चल रहा है.

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भूतनाथ को पहले विकलांग पेंशन मिलती थी लेकिन वो भी बंद हो गयी है.

इस मामले पर उप मुखिया निखिल मांझी का कहना है कि भूतनाथ घोष को सरकारी आवास और पेंशन प्राथमिकता से मिलनी चाहिए क्योंकि वो दिव्यांग है. इसके लिए कोशिशें जारी हैं.

वहीं इस मामले पर कुंडहित के बीडीओ मरांडी ने कहा कि ऐसे लोगों का प्रधानमंत्री आवास नहीं बनना काफी दुखद है. हम पता लगा रहे हैं टीम से कहां गलती हुई है. मैं खुद वहां जाकर जांच करूंगा और इन्हें जल्द से जल्द प्रधानमंत्री आवास और पेंशन दिलाने की पूरी कोशिश रहेगी.

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