
Ranchi : कोरोना की वजह से गंभीर रूप से बीमार होने के बाद शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो इलाज करवा कर झारखंड वापस आ चुके हैं. शिक्षा मंत्री के वापस आने से राज्य के 65 हज़ार पारा शिक्षकों की आस एकबार फिर जगी है. राज्य के पारा शिक्षकों की ओर से स्थायीकरण, वेतनमान सहित अन्य मांगों को लेकर काफी लंबा संघर्ष किया गया है. संघर्ष के परिणामस्वरूप राज्य सरकार की ओर से समय-समय पर पारा शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि की जाती रही है. इस वेतनवृद्धि के साथ पारा शिक्षक स्थायीकरण, सेवा शर्त नियमावली को लेकर मांग करते रहे हैं.
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प्रस्ताव हो चुका है तैयार
बताते चलें कि 65 हज़ार पारा शिक्षकों की मांग को ध्यान में रखते राज्य सरकार की ओर से पारा शिक्षकों के स्थायीकरण व वेतनमान सेवा संबंधी नियमावली का प्रस्ताव तैयार कर लिया है. हालांकि, अभी तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है. अगस्त के दूसरे सप्ताह में इस प्रस्ताव पर सहमति के लिए विधि विभाग को भेजा गया था. बीते साल 28 सितंबर को परा शिक्षकों के लिए गठित कमिटी की बैठक होनी थी. इसी दिन पारा शिक्षकों के वेतनमान, स्थायीकरण और सेवा शर्त नियमावली पर बात होनी थी लेकिन इसी दिन शिक्षा मंत्री की तबीयत ख़राब हो जाने से मामला वहीं रुक गया.
शिक्षक जल्द करेंगे मुलाकात
संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष संजय दूबे ने कहा कि एक बार फिर उम्मीद जगी है. पारा शिक्षक संघ की ओर से पूर्व में शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के बेहतर स्वास्थ्य की कामना की गयी है. उन्होंने कहा कि संघ की ओर से आंदोलन करने की बात तीन माह पूर्व कही गयी थी. तब शिक्षा मंत्री ने भरोसा दिलाया था कि लौटते ही पारा शिक्षकों को लेकर फैसला लिया जायेगा. संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष संजय दूबे ने कहा कि संघ जल्द ही शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो से मिलेगा.
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