
निखिल कुमार
Ranchi: राज्य सरकार नक्सलियों पर हवाई निगरानी को और मजबूत करने की तैयारी कर रही है. हेलीकॉप्टर से जगह-जगह निगरानी के लिए योजनाएं बनायी जा रही है. खनन क्षेत्रों, पर्यटन क्षेत्रों पर विशेष रूप से निगरानी रखी जायेगी. राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के आला अधिकारियों व इंजीनियरों को राज्य के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों,माइंस एरिया इत्यादि के आसपास हैलीपैड बनाने की योजना तैयार करने को कहा है.
सीएम ने अधिकारियों को कहा है कि ये हैलीपैड नक्सल गतिविधियों में भी अंकुश लगाने में मददगार होगी. सतत् हवाई निगरानी से अवैध खनन पर भी लगाम लगेगा. इसके अलावा हवाई आवागमन भी सुलभ होगा. हवाई निगरानी घने जंगलों के अंदर तक की जा सकेगी. जो इनपुट विभाग को मिलेगा इसके बाद पुलिस व अर्द्धसैनिक बल नक्सलियों के खात्मे के लिए अलग से कार्रवाई कर सकेंगे.
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अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार को खुफिया तंत्रों से यह सूचना लगातार मिल रही है कि राज्य के खनिज बहुल क्षेत्रों व वैसे पर्यटन स्थल जहां आसपास घने जंगल हैं वहां नक्सल गतिविधियां अधिक है. माइनिंग क्षेत्रों में नक्सलियों का हस्तक्षेप काफी है. कई कोलयरी क्षेत्रों में वे इसके जरिये धन उगाही कर रहे हैं. ऐसे में सरकार द्वारा पुलिस तंत्र को और मजबूत करने के लिए उन्हें हवाई सपोर्ट देने के लिए आधारभूत संरचना को और मजबूत करने पर विचार किया जा रहा है. हैलीपैड का निर्माण चार विभागो पथ निर्माण,भवन निर्माण, पर्यटन व गृह विभाग के समन्वय के साथ होगा. जल्द ही कहां-कहां हैलीपैड निर्माण किया जाना है इसके लिए स्थल का चयन किया जायेगा. डीपीआर आदि तय कर इसकी स्वीकृति दी जायेगी. बता दें कि पहले भी राज्य में कई जगह हैलीपैड बने हैं पर इस बार खनन और पर्यटन क्षेत्रों में अधिक फोकस किया जा रहा है.
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सैटेलाइट से सड़कों के साथ अन्य गतिविधियों पर भी निगरानी
इधर,पथ निर्माण विभाग भी सड़क-पुल के रियल टाइम निगरानी के लिए वेबसाइट तैयार कर रहा है. सूत्रों के अनुसार पथ निर्माण की योजनाओं का एमआईएस रिपोर्ट इस वेबसाइट में प्रतिदिन अपलोड किया जायेगा. इसके वेबसाइट निर्माण के लिए झारखंड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर रांची डिजाइन तैयार कर रहा है. इसमें संबंधित इलाकों के सभी पथों एव पुलों का कंप्यूटराइज्ड डाटाबेस होगा. इस वेबसाइट में अन्य सूचनाएं भी शामिल की जा सकेगी. विभाग यह मान कर चल रहा है कि यह भविष्य की योजनाओं को भी तैयार करने में मददगार होगा. एक माह में इसे बनाने की तैयारी है.
इन इलाकों पर अधिक फोकस
झारखंड के कोल माइंस एरिया ओर आयरन ओर माइंस क्षेत्रों में कड़ी निगरानी की तैयारी की जा रही है. लोहरदगा,लातेहार,पाकुड़, बोकारो,रामगढ़,धनबाद,हजारीबाग,प.सिंहभूम के किरूबुरू,मेधातूबुरू इलाकों में पहले चरण में हैलीपैड बनाये जायेंगे. पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इलाकों में हैलीपैड बनाने से टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जायेगा. वहीं,नक्सल गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी.




