
Ranchi : मानसून की कमी से धान की फसल पर होने वाले नुकसान को देख झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक दुबे ने किसानों के हित में काम करने की सलाह सरकार को दी है. सरकार को चाहिए कि आगामी मानसून सत्र में विपक्ष के साथ मतभेद भुला किसानों के हित में काम करें. उन्होंने कहा कि बारिश की कमी के कारण पूरा राज्य इन दिनों से सूखे की ओर बढ़ रहा है. कई जिलों में अभी तक कम बारिश हुई है. मौसम विभाग ने भी आगे के मानसून की स्थिति पर कुछ स्पष्ट नहीं किया है. सरकार इसके बावजूद अभी तक हाथ पर हाथ धरे बैठी है. अगर इसे लेकर वह तत्काल कोई रणनीति नहीं बनाती है, तो आगामी चुनावों में जनता का जवाब सरकार को मिल जायेगी.
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सामान्य से भी कम वर्षा होने पर किसान हैं चिंतित
कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दुबे का कहना है कि बारिश नहीं होने से इस फसल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना पड़ते दिख रही है. ऐसे में इस बात से इंकार भी नहीं किया जा सकता कि राज्य सूखे की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि खूंटी में 82 प्रतिशत, चतरा में 76 प्रतिशत, कोडरमा में 72 प्रतिशत, राजधानी रांची में 58 प्रतिशत कम बारिश हुई है. वहीं पूरे राज्य में 52 प्रतिशत कम वर्षा हुई है. पटमदा, बोड़ाम, जोड़सा, ईचागढ़, पलामू, गढ़वा के किसानों ने अबतक धान का बीच नहीं लगाया हैं.
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सिंचाई की स्थिति पर ध्यान दें सरकार
कांग्रेस नेता दूबे का कहना है कि किसानों की इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार को तत्काल ही सकारात्मक पहल करनी चाहिए. सरकार को सिंचाई की समुचित व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा. वरना सूखे के जो हालत अभी पैदा हुए है, उससे राज्य में भूखमरी की स्थिति आ सकती है. बारिश नहीं होने से धान रोपनी के काम में अगर नुकसान पड़ता है तो खरीफ फसलों के लिए किसानों को मिलने वाले फसल बीमा के लाभ से भी वंचित रहना पड़ सकता है.
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