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झारखंड में नौकरी देने वाले 616 इंप्लॉयर, पाने वालों की संख्या 54313

2019-20 में थे 842 नौकरी देने वाले और 20878 था पाने वालों की संख्या, नेशनल करियर सर्विस की रिपोर्ट

मिनिस्ट्री ऑफ लेबर एंड इंप्लॉयमेंट की है एजेंसी, लॉक डाउन अवधि में राज्य में 2019 के मुकाबले दो गुणा लोग हुए बेरोजगार

Rahul Guru

Ranchi :  झारखंड में बेरोजगारों की फौज तैयार हो रही है. ऐसा हम नहीं बल्कि केंद्र सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ लेबर एंड इंप्लॉयमेंट की एजेंसी नेशनल करियर सर्विस के आंकड़े कह रहे हैं. आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 54313 लोग ऐसे हैं, जिन्होंने इस प्लेटफॉर्म से रोजगार की मांग की है.

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ऐसे लोगों की संख्या साल 2019 के मुकाबले दो गुणा से अधिक है. जबकि राज्य में नौकरी देने वाले यानी इंप्लॉयर केवल 616 हैं. साल 2019 में 20878 लोगों ने ही रोजगार की तलाश की थी.

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क्या है एनसीएस

एनसीएस यानी नेशनल करियर सर्विस. यह मिनिस्ट्री ऑफ लेबर एंड इंप्लॉयमेंट की एजेंसी है. यह एजेंसी देश भर के विभिन्न राज्यों में नौकरी (सरकारी-प्राइवेट) की उपलब्धता, नौकरी की संख्या यानी उपलबधता, नौकरी पाने को इच्छुक रजिस्टर्ड बेरोजगार आदि की जानकारी देता है. यहां कोई भी व्यक्ति रजिस्ट्रेशन करा कर नौकरी की तलाश कर सकता है.

लॉक डाउन में बेरोजगारों की संख्या हुई दोगुना

अप्रैल से दिसंबर 2020 तक आंकड़े बताते हैं कि बेरोजगारों की संख्या बढ़ने की सबसे बड़ी वजह कोरोना और लॉक डाउन है. यही वजह है कि जहां साल 2019-20 में 20878 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था वहीं 2020-21 में यह संख्या बढ़ कर 54313 हो गयी.

वहीं रिपोर्ट कहती है कि साल 2019-20 में इस पोर्टल पर 842 कंपनियों ने जॉब देने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया. वहीं इस साल इंप्लॉयर की संख्या आधी हो गयी. साल 2020-21 में केवल 616 कंपनियों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया.

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पूर्वी सिंहभूम में है सर्वाधिक 23 हजार बेरोजगार

नेशनल करियर सर्विस की अप्रैल से 31 दिसंबर 2020 तक के आंकड़े बताते हैं कि पूर्वी सिंहभूम में 23 हजार बेरोजगारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. जिलावार आंकड़े देखें तो बोकारो में 4809, चतरा में 2100, देवघर में 10107, धनबाद में 9647, दुमका में 4121, गढ़वा में 1046, गिरिडीह में 2624, गोड्डा में 1067, गुमला में 924, हजारीबाग में 5899, जामताड़ा में 807, खूंटी में 744, कोडरमा में 784, लातेहार में 734, लोहरदगा में 477, पाकुड़ में 1281, पलामू में 3119, पश्चिमी सिंहभूम में 1416, पूर्वी सिंहभूम में 22551, रामगढ़ में 2736, रांची में 14385, साहेबगंज में 1239, सरायकेला-खरसावां में 2216, सिमडेगा में 283 लोग रजिस्ट्रेशन करा कर रोजगार की तलाश कर रहे हैं.

616 कंपनियों ने ही नौकरी देने के लिए कराया रजिस्ट्रेशन

लॉक डाउन का असर देखिए कि जिस प्लेटफॉर्म पर इंप्लाई की तलाश में 842 कंपनियों ने 2019 में रजिस्ट्रेशन कराया था. वहीं साल 2020 में रजिस्ट्रेशन कराने वाली कंपनियों की संख्या केवल 402 है. जिलावार इंप्लॉयर रजिस्ट्रेशन की बात करें तो बोकारो में 47, चतरा में 01, देवघर में 07, धनबाद में 63, गढ़वा में 01, गिरिडीह में 09, गोड्डा में 02, गुमला में 01, हजारीबाग में 08, जामताड़ा में 01, कोडरमा में 02, लातेहार में 01, लोहरदगा में 02, पलामू में 04, पूर्वी सिंहभू में 249, रामगढ़ में 12, रांची में 180, साहेबगंज में 03, सरायकेला-खरसावां में 23 कंपनियों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है.

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