
Nikhil kumar
Ranchi: झारखंड के दुमका जिला सहित अन्य जिलों में बड़े पैमाने पर खनिजों की अवैध ढुलाई हो रही है. दुमका उपायुक्त की रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है. जिले के उपायुक्त ने खान विभाग व एसआईटी को अपनी जो जांच रिपोर्ट भेजी है उसमें यह बात समाने आयी है कि दुमका में रेलवे के माध्यम से बड़े पैमाने पर बिहार सहित अन्य राज्यों में बिना वैध चालान के पत्थर- चिप्स की ढुलाई कर भेजा जा रहा है. उपायुक्त ने इसकी विस्तृत जांच कराने का भी आग्रह किया है. ऐसे में आपसी मिलीभगत से खनन माफियाओं के साथ-साथ कई अधिकारी मालामाल हो रहे हैं. सरकार को करोड़ों के राजस्व का भी नुकसान हो रहा है. बता दें कि, सरकार को भी लगातार इसकी सूचना मिल रही है. झारखंड सरकार मार्च 2023 में गठित एसआईटी को भी इसकी जानकारी मिली है.
उपायुक्त दुमका ने भी इस संंबंध में जो रिपोर्ट भेजी है उसमें रेलवे के माध्यम से रेलवे साइडिंग से सर्वाधिक बिना परमिट, चालान के पत्थर-चिप्स की अवैध ढुलाई की जानकारी दी गयी है. इसके पूरे आंकड़े एसआईटी के पास है. खान विभाग के वरीय अधिकारियों ने बताया कि इस अनियमतता में रेलवे के अधिकारियों की संलिप्तता साफ परिलक्षित हो रही है. दुमका के अतिरिक्त अन्य जिलों से भी खनिज की अवैध ढुलाई की शिकायत व परिवाद भी लगातार मिल रहे हैं. पूरे मामले में एसआईटी अब तेज गति से जांच को आगे बढ़ायेगी और दोषी पदाधिकारियों को भी चिंहित कर कार्रवाई की अनुशंसा करेगी. एसआईटी अवैध खनिज ढुलाई को रोकने के लिए सरकार को सुझाव भी देगी.
रेलवे के माध्यम से खनिजों की अवैध ढुलाई के लिए गठित की गई थी एसआईटी
राज्य सरकार ने रेलवे के माध्यम से खनिजों की अवैध ढुलाई और इसमें रेलवे की भी पदाधिकारियों की संलिप्तता की जांच के लिए एक मार्च 2023 को ही एक एसआईटी गठित की थी. इसके अध्यक्ष झारखंड हाई कोर्ट से सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार गुप्ता को बनाया गया है. गठित एसआईटी का कार्यकाल छह माह है, जिसे और छह माह का अब विस्तार दिया गया है. आयोग के अनुरोध पर समय-समय पर विस्तारित किया जाता रहेगा. सरकार ने अब इस एक सदस्यीय एसआईटी के लिए सुविधाएं भी तय कर दी है.
मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की सहमति के बाद अब एसआईटी के अध्यक्ष को तीन लाख रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जायेगा. अध्यक्ष को उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के समतुल्य यात्रा भत्ता एवं अन्य सुविधा मिलेगी. आयोग के कार्यालय के लिए एक सहायक, एक आदेशपाल, एक कंप्यूटर ऑपरेटर एवं वाहन की सुविधा होगी. खान निदेशालय को एसआईटी को प्रशासनिक सहयोग देने का निर्देश दिया गया है.
तत्कालीन सीएम ने रेलवे से सहयोग के लिए लिखा था पत्र
तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 14 दिसंबर,2022 को ही तत्कालीन रेल मंत्री को लिखकर इस संबंध में अवगत कराया था कि राज्य सरकार द्वारा अवैध खनन एवं इसकी ढुलाइ में रेलवे पदाधिकारियों की संलिप्तता एवं अन्य सभी संबंधित बिंदुओं की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन का निर्णय लियाग गया है. पूर्व सीएम ने इस मामले में रेल मंत्रालय से अपेक्षित सहयोग का भी अनुरोध किया था.
पोर्टल से प्राप्त परिवहन चालान मिलने के बाद ढुलाई का नियम
खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम की धारा-23 सी के अंतर्गत राज्य में खनिजों के अवैध परिवहन की रोकथाम के लिए झारखंड मिनरल्स प्रिवेंशन ऑफ इलीगल माइनिंग, ट्रांसपोर्टेशन एंड स्टोरेज रूल 2017 लागू है. इस नियमावली के तहत उत्खनित खनिजों का रेल मार्ग से परिवहन भी जेआईएमएस पोर्टल से प्राप्त परिवहन चालान के माध्यम से किया जाना है, लेकिन राज्य में बड़े पैमाने पर इस नियम का उल्लंघन किया जा रहा है.




