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#Jharkhand : दो माह में बनाने थे साढ़े तीन लाख शौचालय, डेढ़ महीने में बने मात्र 11 हजार

Ranchi: केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने फ़रवरी महीने के पहले सप्ताह में झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से कहा था कि वह 6 लाख शौचालय बनाने के पूर्व निर्धारित लक्ष्य को दो माह के अंदर पूरा करे.

बता दें कि 6 लाख के लक्ष्य में से 2019-20 में ही कुल 2,48,255 शौचालय का निर्माण किया जा चुका है. यानी बचे हुए करीब साढ़े तीन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए दो माह की समयावधि दी गयी थी.

इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक राज्य में लगभग 11 हजार शौचालयों का निर्माण हुआ है. इस गति से मार्च तक 6 लाख शौचालय निर्माण का लक्ष्य पाना फ़िलहाल दूर लग रहा है.

हालांकि अभी मार्च महीना बीतने में 2 सप्ताह की अवधि बाकी है. पर जो स्थिति बन रही है उसमें लग रहा है कि विभाग केंद्र से समय सीमा बढ़ाने की मांग करेगा.

केंद्र से मिला 367 करोड़ रुपये का आवंटन, सभी डीसी को भेजी गयी है राशि

दो महीने में शौचालय निर्माण का टारगेट पूरा करने को केंद्र सरकार से पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को सहयोग राशि मार्च महीने के दूसरे सप्ताह में जारी की गयी है.

जानकारी के अनुसार 367 करोड़ रुपये मिले थे जिसे सभी जिलों के उपायुक्तों को उनकी जरुरत के अनुसार आवंटित कर दिया गया है.

दिसंबर 19-जनवरी 2020 तक विभाग के द्वारा 6 लाख 42 हजार 625 लोगों को शौचालय योजना का लाभ दिलाने को चिन्हित किया गया था.

इनसे संबंधित आवश्यक डाटा इंट्री का काम विभाग के स्तर से किये जा चुका है. अब भी विभिन्न जिलों में सर्वे का काम किया जारी है जिसमें शौचालय निर्माण के इच्छुक लोगों की पहचान की जा रही है.

गढ़वा, पलामू, पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा), खूंटी समेत कुछ लगभग 10-11 जिले ऐसे हैं जहां अब भी सर्वे का काम जारी है. पिछले साल के अंत तक प्राप्त आंकड़ों के आधार पर केंद्र सरकार ने फ़िलहाल 6 लाख शौचालय निर्माण के लिए राशि जारी की है.

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केन्द्रीय सचिव परमेश्वरन अय्यर ने दो माह में दिया था 6 लाख शौचालय बनाने का टास्क

पिछले महीने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के सचिव परमेश्वरण अय्यर ने स्वच्छता मिशन के कामों को मिशन मोड़ में पूरा करने का निर्देश दिया था.

झारखंड मंत्रालय से मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये वे राज्य के सभी उपायुक्तों से मुखातिब हुए थे.

उन्होंने कहा था कि स्वच्छता मिशन के तहत सॉलिड-लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट, ड्रेनज, सेप्टिक टैंक, प्लास्टिक कचरा के निष्पादन के कार्य अगले चरण में किये जाने हैं.

ऐसे में अगले दो माह के अन्दर 6 माह शौचालय बनाये जाने का टास्क जरुर पूरा करने का प्रयास हो.

प्रतिदिन 700-900 शौचालय निर्माण का काम

अय्यर ने कहा था कि अगले दो माह में हमें खुले में शौच को पूरी तरह से खत्म करने के लिए 6 लाख शौचालयों का निर्माण करना है.

इसके लिए प्रतिदिन अलग-अलग जिलों में 900 से 700 के बीच शौचालय निर्माण युद्ध स्तर पर करना होगा ताकि मार्च तक टारगेट पूरा हो सके.

उपायुक्तों से उन्होंने वे पूर्ण हो चुके तथा चल रहे शौचालय निर्माण की भौतिक स्थिति को विभाग की साइट पर अपलोड करने को भी कहा था.

इस टारगेट के विरुध्द इस साल अब तक 10,947 शौचालय का निर्माण किया जा चुका है. वैसे 2019-20 में अब तक कुल 2,48,255 शौचालय का निर्माण किया जा चुका है.

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2018 में ओडीएफ स्टेट हुआ था झारखण्ड

अक्टूबर 2018 में झारखण्ड को खुले में शौचमुक्त राज्य (ओडीएफ) घोषित किया जा चुका था. बेसलाइन सर्वे 2012 के अनुसार 39,94,035 शौचालय बनाने का लक्ष्य इस साल पूरा कर लिया गया था.

पर यह देखा गया था कि कई जरूरतमंद इससे वंचित रह गये थे. इसी आधार पर हर किसी को शौचालय योजना का लाभ देने को यूनिवर्सल सर्वे किया गया.

इस आधार पर 6 लाख लोगों को चिन्हित किया गया है. विभाग को उम्मीद है कि केंद्र से मिली राशि के बाद वह मार्च तक निर्धारित लक्ष्य पा लेगी.

2018 में एक साल में ही रानी मिस्त्रियों की मदद से 12 लाख शौचालय का निर्माण कर लिया गया था. मार्च तक टारगेट पूरा नहीं होने पर एक से दो माह का समय लेकर 6 लाख का आंकड़ा पूरा कर लिया जायेगा.

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