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कारनामा :  बिना टेंडर फाइल खोले जरेडा ने एपीएस पावर रांची को दिया काम, प्रोसिंडिंग में नहीं किया जिक्र

Chhaya

Ranchi :  झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी जरेडा ( Jharkhand Renewable Energy Development Agency) की ओर से पिछले साल रूफटॉप सोलर पैनल के लिए टेंडर निकाला गया. टेंडर 15 मेगावाट रूफटॉप सोलर पैनल के लिए निकाला गया. इस टेंडर में 95 एजेंसियों ने भाग लिया. जिसमें से 70 एजेंसियां क्वालिफाइ हुई.

इनमें से 50 बिडरों को पांच मार्च को वर्क ऑर्डर दिया गया. एक ऐसी एजेंसी को भी काम दिया गया, जिसका टेक्नीकल डाक्यूमेंट टेंडर मूल्याकंन के दौरान नहीं खुला. एजेंसी का नाम एपीएस पावर रांची है. टेंडर मूल्यांकन के दौरान उन्हीं टेंडरों को क्वालिफाईड माना जाता है, जो ई प्राक्यूरमेंट साइट में मूल्याकंन के दौरान खुले. लेकिन इस एजेंसी के फाइल साइट पर नहीं खुल पा रही है.

Sanjeevani

जरेडा के छह सदस्यीय पैनल ने इस टेंडर का मूल्यांकन किया. मूल्याकंन पैनल ने किस आधार पर यह काम एपीएस एजेंसी को दिया, यह पैनल के प्रोसिडिंग में नहीं है. इस मूल्यांकन में 25 एजेंसियां क्वालिफाइ नहीं हुई.

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जरेडा ने ही की नियमों की अनदेखी

20 नवंबर 2019 को जरेडा के छह सदस्यीय पैनल ने टेंडरों का मूल्यांकन किया. जरेडा से जानकारी मिली कि कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से एपीएस पावर रांची के टेक्नीकल फाइल की सॉफ्ट कॉपी अलग से मंगायी गयी. जब मूल्याकंन किया जा रहा था, उस वक्त जरेडा कर्मचारियों ने साइट के बजाय इस एजेंसी की सॉफ्ट कॉपी को खोला.

जरेडा के टेंडर नियमों को देखें तो जरेडा के अधिकारियों ने खुद ही नियमों की अनदेखी की. नियमानुसार अगर जरेडा की ओर से अलग से टेक्नीकल फाइल की सॉफ्ट कॉपी मंगायी गयी थी, तो उसका जिक्र मूल्याकंन की प्रोसिडिंग में होना था.

जबकि जरेडा के नियमानुसार अगर किसी एजेंसी की फाइल साइट पर नहीं खुलती है तो हार्ड कॉपी मंगाये जाने का प्रावधान है. जिसका जिक्र प्रोसिडिंग में नहीं किया गया.

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पावर डिस्ट्रिब्यूशन में नहीं किया मापदंडों का पालन

इस टेंडर में 50 एजेंसियों को वर्क ऑर्डर दे दिया गया है. लेकिन मूल्यांकन समीति ने एजेंसियों के पावर डिस्ट्रिब्यूशन में किसी मापदंड का पालन नहीं किया. एपीएस पावर रांची को टेक्नीकल फाइल की सॉफ्ट कॉपी के मूल्याकंन के बाद 901 किलोवाट पावर क्षमता के लिए योग्य माना गया. इस एजेंसी को सबसे अधिक 360 किलोवाट का वर्क ऑर्डर दिया गया.

अभिषेक सोलर इंडस्ट्रीज नामक एजेंसी इस मूल्याकंन में 3000 किलोवाट के लिए दक्ष पायी गयी. लेकिन इस एजेंसी को 200 किलोवाट का ही काम दिया गया. एपीएस पावर रांची के साथ सिर्फ जय माता दी एंड कंपनी रामगढ़ को 360 किलोवाट पावर का काम दिया गया.

इससे अधिक किसी भी एजेंसी को काम नहीं दिया गया. जबकि टेक्नीकल और कार्य अनुभव के अनुसार टेंडर देने थे.

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पांच मेगावाट का काम दिया गया एजेंसियों को

जरेडा की ओर से 15 मेगावाट सोलर पावर पैनल के लिए टेंडर निकाला गया. इसमें से पांच मेगावाट का काम एजेंसियों को दे दिया गया है. जिसकी कुल राशि 57 करोड़ है. हालांकि जरेडा अगर 15 मेगावाट के लिए टेंडर करती तो, इसका कुल रकम 155 करोड़ होता.

बता दें कि जरेडा की ओर से रूफटॉप सोलर पैनल के लिए  निकाले जाने वाले टेंडर सिर्फ सरकारी भवनों के लिए है. व्यक्तिगत या कर्मिशयल रूपटॉप सोलर पैनल के लिए जेबीवीएनएल की ओर से टेंडर निकाली जाती है.

मूल्यांकन पैनल में जरेडा निदेशक अशोक कुमार, परियोजना निदेशक अरविंद कुमार बी प्रसाद, उर्जा विभाग से अंडर सेक्रेटरी आरआर तिवारी, हस्तकरघा निदेशालय से मनोज कुमार, इलेक्ट्रिसिटी लाइसेंसिंग बोर्ड के सचिव कमला मुंडा, जरेडा की अकाउंट्स अफसर स्वाति शरण के नाम हैं.

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अधिकारियों ने नहीं दिया जवाब

इस संबध में जरेडा के एग्जीक्यूटिव इंजिनियर राम सिंह से बात करने की कोशिश की गयी. लेकिन उन्होंने व्यस्तता का हवाला देते हुए जवाब नहीं दिया. बता दें कि जिस वक्त ये टेंडर हुए, उस वक्त जरेडा के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार बी प्रसाद थे.

परियोजना निदेशक और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ही इन टेंडरों का निष्पादन करते है. पांच मार्च को वर्क ऑर्डर एजेंसियों को दिया गया और छह मार्च को कार्मिक विभाग की ओर से जरेडा के परियोजना निदेशक को बदला गया.

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