
Patna: ललन सिंह के जदयू राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि उपेंद्र कुशवाहा अब जेडीयू के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष नहीं रहेंगे. मगर, ऐसी संभावना कम दिख रही है. जेडीयू ने अपने संविधान में बदलाव किया है, जेडीयू के संविधान की धारा 28 में संशोधन किया गया. इस संशोधन से स्पष्ट हो गया है कि पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष और संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष अलग अलग व्यक्ति हो सकते हैं. संशोधन के मुताबिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष होंगे या किसी और को मनोनीत करेंगे.
इसे भी पढ़ेंःमामा ने भगिनी के साथ किया दुष्कर्म तो पिता और माता ने बेटे को कर दिया संपत्ति से बेदखल
इससे अब माना जा रहा है कि उपेंद्र कुशवाहा संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष बने रहेंगे. आपको बता दें कि ललन सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के साथ ही यह तय हो गया था कि अब वह लोकसभा में जेडीयू संसदीय दल के नए नेता का चयन होगा.
इसे भी पढ़ेंःधनबाद के जज की मौत मामले में पाथरडीह थाना प्रभारी उमेश मांझी निलंबित
ललन सिंह अब जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष हो गए हैं लिहाजा वह संसद में दल के नेता नहीं रहेंगे. सूत्रों की मानें तो किसी पिछड़ा और अति पिछड़ा से आने वाले किसी सांसद को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है चंदेश्वर चंद्रवंशी का नाम लोकसभा में संसदीय दल के नेता के तौर पर सबसे आगे माना जा रहा है. हालांकि कार्यकारिणी की बैठक में उपेंद्र कुशवाहा के लिए अच्छी खबर निकल कर सामने आई और यह साफ हो गया कि उपेंद्र कुशवाहा ही संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष बने रहेंगे.




