
Nikhil Kumar
Ranchi: रांची-पतरातू, रिंग रोड सहित आधा दर्जन से अधिक सड़कों की क्वालिटी की जांच होगी. पथ निर्माण सचिव सुनील कुमार ने इस आशय का निर्देश राज्य के अभियंता प्रमुख, मुख्य अभियंता को दिया है. इंजीनियरों की जांच टीमें बनाकर इन महत्वपूर्ण सड़कों की स्थिति, रख-रखाव की जांच की जायेगी. राज्य सरकार हर साल इन सड़कों के मेंटेनेंस के लिए अरबों रुपये की राशि जारी करती है बावजूद इसके लगातार रोड खराब होने की शिकायत के बाद यह जांच आदेश दिया गया है. इन महत्वपूर्ण रोड पर कई जगह गड्ढे भी निकल आने की सूचना लगातार मिल रही है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है. साथ ही आवागमन भी आसान नहीं हो पा रहा है. बारिश में इन सड़कों की स्थिति और खराब होने की संभावना है.
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इन सड़कों की स्थिति की होगी जांच
रांची-पतरातू-रामगढ़ पथ: आरपीआर-1, लंबाई 35.27 किमी
पतरातू-डैम-रामगढ़ पथ: आरपीआर-3, लंबाई 27.12 किमी
रांची रिंग रोड से सेक्शन तीन,चार,पांच, छह, लंबाई 36.192 किमी.
चाईबासा-सरायकेला-कांड्रा-चौका पथ- लंबाई 68.70 किमी.
आदित्यपुर-कांड्रा पथ लंबाई: 15.50 किमी
रांची रोड के सेक्शन सात में कांठीटांड एनएच 75 से करमा-विकास एनएच 33
रांची-हजारीबाग पथांशपर आठ लेन पथ का विकास लंबाई 23.80 किमी.
JARDCL के जरिए इन सड़कों का हुआ था निर्माण
दरअसल, झारखंड एक्सलीरेटेड रोड डेवलपमेंट कंपनी लि. (JARDCL) के जरिये इन सड़कों का निर्माण कराया गया था. यह पथ निर्माण विभाग का ज्वांइट वेंचर कंपनी है. झारखंड में एसपीवी के माध्यम से पीपीपी मोड पर जेएआरडीसीएल द्वारा छह परियोजनाओं को विकसित कर ऑपरेशन और मेंटेनेंस का काम किया जा रहा है. लेकिन यह बात सामने आ रही है कि इसके रख-रखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. पथ सचिव द्वारा यह बताया गया है कि उक्त सभी सड़कों के रख-रखाव के लिए हर साल बड़ी राशि कंपनी को दी जाती है. परंतु क्षेत्र भ्रमण के दौरान था अन्य माध्यमों से यह बात सामने आ रही है कि जेएआरडीसीएल द्वारा इनके समुचित रख-रखाव नहीं की जाती है.
स्थल निरीक्षण कर जांच प्रतिवेदन मांगा
पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार ने राज्य के अभियंता प्रमुख केके. लाल एवं मुख्य अभियंता यातायात को इन सभी पथों की अद्यतन स्थिति एवं आवश्यक रख-रखाव के लिए जेएआरडीएसीएल द्वारा कृत कार्रवाई संबंधी स्थल निरीक्षण के लिए गुण नियंत्रण निदेशालय में पदस्थापित तथा अभियंताओं की टीम का सृजन कर विस्तृत जांच प्रतिवेदन तैयार कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है. रिपोर्ट मिलने के बाद इस संबंध में जेएआरडीसीएल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया जायेगा.




