
Jamshedpur : सोनारी गुरुद्वारा का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. विवाद में मर्यादाएं तार-तार हो रही हैं. मंगलवार को तो हद हो गई जब गाली-गलौज के बीच जूतमपैजार की नौबत आ पहुंची. शुक्र था कि समय रहते पुलिस पहुंच गयी नहीं हालात कुछ और होते.
दरअसल, गुरुद्वारा के प्रधान पद को लेकर कार्यकारी प्रधान तारा सिंह गिल के खिलाफ उनके सहोदर भाई बलवीर सिंह गिल पिछले दो साल से मोर्चा खोले हुए हैं. पहले तो कोरोना का हवाला देकर प्रशासन ने उन्हें मनमानी करने से रोक रखा था परंतु अब विपक्ष चुनाव को लेकर अड़ गया है. संस्था जागदी जमीर की शिकायत पर सिखों के सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साहिब ने जम्मू वाले गुरविंदर सिंह को जांच के लिए भेजा था और उनकी जांच में दोनों पक्ष चुनाव के लिए सहमत हो गए थे. परंतु अब सत्ताधारी दल का मिजाज बदल गया और इसे लेकर बलबीर सिंह गिल का गुट सोमवार को गुरुद्वारा में संगत के नाम नोटिस लगाने पहुंचा तो तारा सिंह और बलवीर सिंह के समर्थक आमने-सामने भिड़ गए.
ये लगे आरोप
बलवीर सिंह गिल की माने तो तारा सिंह ने अराजक तत्व बुला कर रखे थे जो डंडे लिये हुए थे. इन दोनों पक्ष की झड़प तब शांत हुई जब थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक अंजनी कुमार सिंह दल – बल के साथ पहुंचे. उन्होंने दोनों पक्षों को शांत करवाया और दोनों पक्ष को लिखकर शिकायत देने को कहा. इसके साथ ही उन्होंने तारा सिंह को सीसीटीवी की फुटेज भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. बलबीर सिंह गुट के गुरदयाल सिंह, मनजीत सिंह आदि ने साफ कह दिया है कि 30 तारीख तक चुनाव की प्रक्रिया घोषित नहीं होती है तो एक मई से अगला कदम उठाया जाएगा और इसके लिए जिम्मेदार तारा सिंह होंगे.
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