
Ranchi: अलकायदा के आतंकी जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के धतकीडीह निवासी आतंकी अब्दुल सामी को घाघीडीह सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया है. उसे दिल्ली के तिहाड़ जेल से घाघीडीह सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया है. अब्दुल सामी अलकायदा की शाखा अल-कायदा इन इंडियन सबकांटिनेंट (एक्यूआइएस) से जुड़े हैं. शनिवार को दिल्ली पुलिस ने उसे जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में पेश किया. जहां अपर जिला व सत्र न्यायाधीश संजय कुमार उपाध्याय के न्यायालय में प्रोडक्शन वारंट पर पेश किया था. कागजी कार्रवाई के बाद न्यायालय ने उसे जमशेदपुर के घाघीडीह सेंट्रल जेल में भेज दिया. बता दे कि 25 जनवरी 2016 को बिष्टुपुर थाना में अब्दुल सामी, अब्दुल रहमान कटकी, मौलाना कलीमुद्दीन, अब्दुल मसूद और नसीम समेत अन्य के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इन लोगों के खिलाफ आतंकवादी संगठन अलकायदा से जुड़ने, संगठन का विस्तार करने, जेहाद के लिए युवाओं को भड़काने और देशद्रोह का आरोप है.
अलकायदा के आतंकी कैंप में प्रशिक्षण ले चुका सामी, हरियाणा से हुआ था गिरफ्तार
जमशेदपुर निवासी अब्दुल सामी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हरियाणा के मेवात क्षेत्र से गिरफ्तार किया था. अलकायदा इन इंडियन सब कंटिनेंट (एक्यूआइएस) के आतंकी अब्दुल सामी पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर मंसेरा में अलकायदा के आतंकी कैंप में हथियारों का प्रशिक्षण ले चुका है. अब्दुल सामी 2001 से कटक में मदरसा चलाने वाले मौलाना अब्दुल रहमान के संपर्क में था. वही इसे 2014 में दुबई के रास्ते पाकिस्तान ले गया था. वहां वह पहले कराची में ठहरा, जहां उसकी मुलाकात एक्यूआइएस के भारत चीफ मोहम्मद आसिफ व अन्य आतंकियों से कराई गई. मंसेरा में सामी ने हथियार चलाने व बम फेंकने की ट्रेनिंग ली. ट्रेनिंग के बाद सामी 2015 में शारजाह होते हुए दिल्ली आ गया. वह पुलिस व इंटेलिजेंस से बचने के लिए मेवात में छिपकर रह रहा था.
क्या है पूरा मामला
देशभर में आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने और आतंकी समूह के लिए सदस्यों की भर्ती करने को लेकर दिल्ली की पटियाला हाउस की विशेष न्यायालय ने अलकायदा के चार आतंकियों को 14 फरवरी 2023 को सजा सुनाई थी. सजा के तौर पर सात साल पांच माह सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया. सजा पाने वालों में जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र धतकीडीह निवासी अब्दुल सामी, ओडिशा के कटक जिला के जगतपुर के मौलाना मो. अब्दुल रहमान कासमी समेत मो. आसिफ और जफर मसूद है. मामले में दोषियों के खिलाफ 2017 में आरोप तय किए गए थे.




