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जमशेदपुर : खौफ के साये में जी रही दुष्कर्म पीड़िता, हर शख्स लगता बेईमान

Jamshedpur : मानगो सहारा सिटी अपार्टमेंट में काम करनेवाली नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता अब भी खौफ के साये में जी रही है. क्योंकि उसकी आबरू से खेलनेवाले कुछ छुटभैय्ये आरोपियों को छोड़ बाकी एक दर्जन से ज्यादा आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. उनमें से दो तो पुलिस अधिकारी ही हैं. पिछले एक साल से न्याय के लिए भटक रही पीड़िता को एक आसरा 31 जुलाई के बाद दिख रहा है जब उसने मुख्यमंत्री जनसंवाद में रघुवर दास से न्याय दिलाने व सीबीआई जांच कराने की गुहार लगायी थी. इस पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस मामले की जांच सीआईडी से कराने की बात कही थी. साथ ही एक महीने के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश भी दिया था.

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पीएम और राज्यपाल से भी न्याय की लगा चुकी है गुहार

पीड़िता ने कहा है कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी. वह राज्यपाल और प्रधानमंत्री से भी न्याय की गुहार लगा चुकी है. राज्यपाल से वह पांच जुलाई को मिली थी और प्रधानमंत्री कार्यालय को छह मई को घटना की लिखित जानकारी देते हुए उसने दोषियों को सजा दिलाने की मांग की थी. पीड़िता ने एमजीएम के थाना प्रभारी समेत अन्य पर दुष्कर्म करने व वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया था. पीड़िता ने बताया था कि इंद्रपाल सैनी व अन्य ने उसके साथ दुष्कर्म किया. इसके बाद वीडियो बनाकर वो ब्लैकमेल करते थे. उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया और उसे वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया. अपने बयान में उसने थाना प्रभारी एमजीएम इमदाद अंसारी व डीएसपी अजय केरकेट्टा समेत कई लोगों पर आरोप लगाया है, लेकिन पुलिस इन्हें बचा रही है.

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थाना प्रभारी का किया गया तबादला

जबकि जमशेदपुर पुलिस के मुताबिक मामले में अभियुक्त इंद्रपाल सैनी, शिव कुमार महतो, श्रीकांत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. इनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है. पीड़िता के आरोप के आलोक में विस्तृत जांच की गयी है, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं मिल पाया है. आरोपी थाना प्रभारी का तबादला भी कर दिया गया है. इस पर पीड़िता ने कहा था कि थाना में उसके साथ दुष्कर्म किया गया और दरोगा के साथ डीएसपी ने भी उसकी आबरू से खिलवाड़ किया. बाद में साकची के एक निजी क्लिनिक में उसका गर्भपात कराया गया. जांच में उसने लोगों की पहचान भी की फिर भी पुलिस इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है.

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खौफ के साये में पीड़िता

परत दर परत खुल रहे मामले में हाई प्रोफाइल लोगों के नाम भी सामने आए लेकिन पुलिस ने मामले के सबसे कमजोर कड़ियों पर ही हाथ फेरा. जबकि सत्ता और विपक्ष दोनों खेमों के बड़े नाम चर्चा में रहे. सवाल यह उठता है कि सीएम के आदेश के बाद फिर से मामले की जांच कर रही टीम सही मायने में जांच कर पीड़िता को न्याय दिला पायेगी या फिर से जांच के नाम पर खानापूर्ति की जाएगी. वैसे पीड़िता अब भी खौफ के साये में है और उसे हर कोई बेईमान लगता है. क्योंकि उसने जहां न्याय की उम्मीद लगाई वहीं उसके साथ दुष्कर्म किया गया. अब सही मायने में करवाई करते हुए दारोगा इमदाद और डीएसपी केरकट्टा की गिरफ्तारी हुई तो कई सफेदपोश भी बेनकाब होंगे.

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महिला अधिकारी के जांच में शामिल होने से उम्मीद बड़ी

मामले में महिला अधिकारी को शामिल करने से पीड़िता के मन में न्याय की उम्मीद बढ़ी है. जांच टीम में जैप-10 की संध्या रानी मेहता को भी शामिल किया गया है. इसके लिए उन्हें सीआईडी एसपी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. वो कांड के अनुसंधान व सुपरविजन में सीआईडी टीम को सहयोग करेंगी. आदेश में यह भी कहा गया है कि महिला उत्पीड़न से संबंधित सभी मामलों में संध्या रानी मेहता का सहयोग लिया जा सकता है. इस संबंध में डीजीपी डीके पांडेय के आदेश के बाद आईजी मानवाधिकार नवीन कुमार सिंह ने पत्र जारी किया है. पत्र में सीआईडी एडीजी को जमशेदपुर के मानगो थाना कांड संख्या13/2018 (18-1-2018) को तत्काल टेकओवर कर जांच करने को कहा गया है.

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