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जेडीयू विधायक और बिहार की समाज कल्याण मंत्री ने दिया इस्तीफा

मुजफ्फरपुर कांड को लेकर मंजू वर्मा के पति पर लगे थे गंभीर आरोप

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Patna: बिहार की समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे ही दिया. उन्होने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना इस्तीफा सौंपा, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया. इससे पहले बिहार की समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा ने स्वीकार किया है कि उनके पति चंद्रेश्वर वर्मा और मुज़फ़्फ़रपुर बालिका गृह कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के बीच बातचीत होती रहती थी.

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पिछले कुछ महीनों में 9 बार मुजफ्फरपुर गया था मंजू वर्मा का पति

निजी चैनल एनडीटीवी ने खुलासा किया है कि पिछले दो-तीन महीनों में मंत्री मंजू वर्मा के पति 9 बार मुजफ्फरपुर गये थे. ये साक्ष्य मंत्री पति चंद्रेश्वर वर्मा के मोबाइल रिकॉर्ड को जब खंगाला जा रहा था, तब उनके टॉवर लोकेशन से पता चला है. इससे पहले खुलासा हुआ था कि बिहार में समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा और बृजेश ठाकुर के बीच जनवरी से 17 बार फोन पर बातचीत हुई थी. मुजफ्फरपुर बालिका गृह स्कैंडल मामले में मुख्य आरोपी बृजेश ठाकुर के कॉल डिटेल से यह खुलासा हुआ है.

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विपक्ष मंजू वर्मा के इस्तीफे से संतुष्ट नहीं, मांग रहा नीतीश कुमार का इस्तीफा

बिहार की समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा ने भले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया हो, लेकिन विपक्षी दल इससे संतुष्ट नहीं हैं. आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद कहा है कि वे मुजफ्फरपुर कांड से शर्मिंदा हैं. ऐसी शर्मिंदा होकर पद पर बने रहना ठीक नहीं है. नीतीश कुमार को खुद ही पद छोड़ देना चाहिए. वहीं कांग्रेस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए नीतीश कुमार को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.

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कौन हैं मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा ?

चंद्रशेखर वर्मा ने कभी चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन राजनीति से उनका पुराना रिश्ता रहा है. शुरू में वह सीपीआई और फिर भाकपा माले से जुड़े. इसके बाद 1995 से पहले समता पार्टी और अब जनता दल यू (जेडीयू) के सदस्य हैं. जेडीयू ने इन्हें राज्य परिषद का सदस्य बनाया है.
चंद्रशेखर वर्मा की पत्नी मंजू वर्मा 2015 से बिहार में समाज कल्याण मंत्री हैं. कहा जाता है कि इस विभाग पर चंद्रशेखर वर्मा की अच्छी पकड़ है. विभाग के कामकाज में इनका समान रूप से दखल रहता था.

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चंद्रशेखर वर्मा के पिता रहे थे विधायक

चंद्रशेखर बेगूसराय के चेरिया बरियारपुर प्रखंड के श्रीपुर गांव के निवासी हैं. शुरू से ही इनका परिवार सुखी संपन्न रहा है. पिता सुखेदव महतो 1980 से 1985 चेरिया बरियारपुर विधानसभा से सीपीआई के विधायक थे. 1985 में टिकट कट जाने के बाद नाराज होकर निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन वो चुनाव हार गए.

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सुखदेव महतो के परिवार की उस इलाके में काफी इज्जत थी, लेकिन उनकी विरासत को उनके बेटे चंद्रशेखर वर्मा संभाल नहीं सके. सुखदेव महतो ने जितनी इज्जत बनाई उतनी चंद्रशेखर वर्मा ने गंवाई. इलाके के लोगों में आम चर्चा है कि वह समाज कल्याण विभाग की दलाली करते हैं.

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सीपीआई के पुराने नेता बताते हैं कि सीपीआई में कार्यकर्ता के रूप में भी चंद्रशेखर की अच्छी छवि नहीं थी. बाद में वो नीतीश कुमार से जुड़ गए और उसके बाद अपनी पत्नी को टिकट दिलवा दिया.

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