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जमशेदपुर : सावधान, शहर और आस-पास के क्षेत्र भी कुत्तों के आतंक से अछूते नहीं, रोज 10-12 लोगों को बना रहे शिकार

Jamshedpur : यदि आप इस गफलत में हैं कि सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में ही अवारा कुत्ते लोगों को निशाने पर लेते हुये अपना शिकार बना रहे हैं तो सावधान हो जाइये. क्योंकि जमशेदपुर समेत आस-पास के क्षेत्रों में भी आवारा कुत्ते लोगों को आए दिन निशाना बना रहे हैं. हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि खासमहल स्थित सदर अस्पताल में रोजाना करीब दस से बारह मरीज ऐसे आ रहे हैं, जिसे किसी कुत्ते ने काटकर जख्मी किया हो. यह बात अलग है कि इसमें शहर से सटे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज ज्यादा होते हैं. यह कहना है जिले के सिविल सर्जन डॉ जुझार माझी का. ऐसे मरीजों को एंटी रेबिज वैक्सीन दिया जाता है.

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फिलहाल राहत की बात यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहर के सरकारी अस्पतालों में एंटी रेबिज वैक्सीन वैक्सीन की कमी नहीं है, जैसा की किसी वक्त हुआ करता था. फिर डॉ माझी का कहना है कि लोगों को जरुरत है आवारा कुत्तों से सावधानी बरतने की.

बता दें कि आज ही जमशेदपुर से सटे सरायकेला जिले के गम्हरिया क्षेत्र के ईंट भट्टा में कुत्तों के आतंक का मामला तब सामने आया जब एक छोटी मासूम बच्ची महक को कुत्तों ने अपना शिकार बनाया लिया. बच्ची एक मजदूर परिवार की है. उसकी मां ईंटा भट्टा में काम करती है. कुत्ता काटने से जख्मी बच्ची को इलाज के लिये अस्पताल लाया गया. इस बीच घटनास्थल पर रोजाना किसी न किसी के इन कुत्तों के शिकार बनने का मामला भी सामने आया है. इससे पहले जमशेदपुर के मानगो क्षेत्र के अलावा कदमा, शास्त्रीनगर, जुगसलाई, बागबेड़ा, साकची जैसे क्षेत्रों में भी अवारा कुत्ते बच्चे-बड़ों का अपना निशाना बना चुके हैं. वहीं, पड़ोसी जिले का आदित्यपुर क्षेत्र भी इस तरह की घटनाओं से अछूता नहीं है. ऐसे में आवारा कुत्तों से सावधान रहने के साथ इनके बढ़ते दहशत पर लगाम लगाने की दिशा में संबंधित विभाग को कारगर कदम उठाने की भी जरुरत है.

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