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Jamshedpur : शैक्षणिक संस्‍थानों में फायर सेफ्टी न‍ियमों के अनुपालन को लेकर अभिभावक संघ गंभीर, उठायी जांच की मांग

Jamshedpur : जमशेदपुर शहर में संचालित कोचिंग सेंटरों, निजी व सरकारी स्कूलों एवं स्कूली वाहनों में फायर सेफ्टी के साथ ही सुरक्षा के पहलुओं पर जांच कर संचालकों को फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य करने की मांग को लेकर जमशेदपुर अभिभावक संघ ने सोमवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष के साथ ही झारखंड के मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री समेत पूर्वी सिंहभूम जिले के उपायुक्त को पत्र  लिखा है. पत्र में फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के लिए आवेदन नहीं करनेवालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गयी है.

बताया गया कि जमशेदपुर शहर में संचालित कोचिंग सेंटर, स्कूल और स्कूली वाहनों में सुरक्षा के तहत फायर सेफ्टी के साथ ही अन्य सुरक्षा के मानकों का अनुपालन किया जा रहा है भी या नहीं, इसकी जानकारी स्थानीय जिला प्रशासन व अग्निशमन विभाग को भी है या नहीं, इसमें भी संदेह है. ऐसे में हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता है. पत्र में बताया है कि 2019 में सूरत कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग की चपेट में आने से सेंटर के शिक्षक समेत कई बच्चों की जान चली गयी थी. इस दर्दनाक हादसे के बाद कोचिंग संस्थानों में अग्निशमन उपकरणों की जांच को लेकर हलचल तो हुई, पर समय गुजरने के साथ ही मामला शांत हो गया. बताया कि जमशेदपुर शहर को झारखंड में शैक्षिक केंद्रों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. इस शहर में अभी कितने कोचिंग सेंटर और स्कूल चलाये जा रहे हैं, इसकी सही जानकारी उपलब्ध नहीं है. प्रमुख स्कूलों को छोड़ दें, तो जमशेदपुर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों के गली-मुहल्ले में कितने छोटे-बड़े स्कूल संचालित हैं इसकी भी जानकारी उपलब्ध नहीं है.

संचालक नहींं देते जानकारी
बताया गया है कि कोचिंग सेंटर और स्कूल खोलने से पूर्व संचालक स्थानीय जिला प्रशासन या सरकार को जानकारी नहीं देते हैं. संचालक को जहां जगह मिल जाती है वहीं कोचिंग सेंटर या स्कूल शुरू कर देते हैं. जबकि कोचिंग संस्थानों व स्कूल पर भवन विनियमों में संस्थानिक मापदंड लागू होते हैं. इसके अनुसार जहां भी कोचिंग सेंटर और स्कूल का संचालन हो रहा है वहां की सड़क की चौड़ाई 40 फीट होनी चाहिए. साथ ही वहां दोपहिया और कार पार्किंग की भी व्यवस्था होनी चाहिए. इसके अलावा छात्र-छात्राओं के अनुपात में अलग-अलग शौचालय का होना आवश्यक है.

Sanjeevani

दो-चार को छोड़ किसी पास नहीं है व्यवस्था
जमशेदपुर शहर में दो-चार स्कूलों को छोड़कर किसी भी स्कूल के पास बच्चों को घर से स्कूल लाने-ले जाने के लिए स्कूली वाहन (बस या वैन) की व्यवस्था नहीं है. मजबूरन बच्चे ऑटो एवं वैन से स्कूल जाने के लिए मजबूर हैं. इनमें से अधिकतर वाहनों की स्थिति खस्ता है. कुछ स्कूली वैन एलपीजी गैस से संचालित होते हुए भी पूर्व में पकड़े जा चुके हैं. ऐसे में बच्चे असुरक्षित स्थिति में इन वाहनों से स्कूल आने-जाने को मजबूर हैं.

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