
Ranchi : राज्य सरकार ने तत्कालीन अंचल अधिकारी सदर हजारीबाग को दंडित करते हुए संचायात्मक प्रभाव से तीन वेतनवृद्धि पर रोक का दंड लगाया है. इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार राजभाषा विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है. उनके खिलाफ 2018 में अंचल अधिकारी सदर हजारीबाग के पद पर रहते हुए ग्राम हरहद में खाता संख्या-172 प्लॉट संख्या 2366 रकबा- 33 एकड़ का पंजी टू पृष्ठ संख्या-185 •भौलुम 2 में विश्वकर्मा व खाता संख्या-172 प्लॉट संख्या 2368 रकबा-34 एकड़ का पंजी टू संख्या-185 •भौलुम 2 में प्रवृष्टि मालती देवी के नाम से झारभूमि पोर्टल पर अपने डिजिटल सिग्नेचर लॉगिन आइडी एवं पासवर्ड के माध्यम से नया पृष्ठ क्रियेट करते हुए ऑनलाइन जमाबंदी 11 दिसंबर 2018 को कायम करने का आरोप लगा. जबकि ऑफलाइन पंजी 2 में पृष्ठ संख्या 174 के बाद के पृष्ठ पर कोई जमाबंदी कायम नहीं है. इससे स्पष्ट होता है कि ऑनलाइन पंजी टू में पृष्ठ 174 के बाद के सभी पृष्ठों को अवैध रूप से क्रियेट किया गया है. वह भूमि सर्वे खतियान में गैर मजरूआ खाता किस्म दर्ज है. उक्त जमाबंदी कामय होने के बाद संबंधित भूमि का ऑनलाइन लगान रसीद भी 27 दिसंबर 2018 को निर्गत हुआ. पूरा मामला पकड़ में आने के बाद विभाग ने राजस्व अनियमितता का गंभीर मामला बताया है. पूरे मामले की जानकारी कई माध्यमों से सरकार को मिली और मामले की जांच की गयी. जांच में यह पाया कि बिना अनुमति के ही निजी प्रतिष्ठान से राजस्व तथा अन्य सरकारी कार्यो का निष्पादन किया जाता था तथा उक्त कार्य में निजी व्यक्तियों का भी प्रयोग हुआ. सक्षम प्राधिकार के अनुमति के डिजीटल सिग्नेचर का भी उपयोग किया गया. प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटर के जरिये डिजीटल सिग्नेचर किया व हटाया जाता था. हजारीबाग कमीशनर ने पूरे मामले पर कार्रवाई की अनुशंसा की थी. जिसके बाद विभागीय कार्यवाही चलायी गयी. अब जाकर अफसर को दंडित किया गया.
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