
Ranchi : पूर्व सीएम रघुवर दास के समर्थन में गुरुवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश बयान देते दिखे थे . उन्होंने कहा कि सरकार राजनीतिक विद्वेष से काम कर रही.
2016 के राज्यसभा चुनाव मामले में रघुवर का नाम जानबूझकर जोड़ा गया है. पीसी एक्ट लगाया गया है. इस पर झामुमो ने उन्हें घेरा है. केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि पूर्व सीएम को कानून के दायरे में लाने से तकलीफ हो गयी है.
कानूनी प्रावधानों के तहत राज्यसभा चुनाव मामले में जांच चल रही है. इस मामले में किसी तरह की राजनीतिक बयानबाजी से सभी को बचना चाहिये.
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चुनाव आयोग के निर्देश पर एफआईआर
सुप्रियो भट्टाचार्य के मुताबिक 2016 में राज्यसभा चुनाव मामला पब्लिक डोमेन में है. मामला सामने आने पर चुनाव आय़ोग ने संज्ञान लिया. इसके बाद एफआईआर हुई.
उस मामले के प्रथम सूचक अभी के भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ही थे. भाजपा अपने नेता से इस पर पूछने की बजाये सरकार पर उंगली उठा रही है.
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रघुवर के खिलाफ एससी-एसटी थाना में दर्ज है केस
उन्होंने कहा कि कानून के हिसाब से जब काम होता है तो व्यक्ति का ओहदा नहीं देखा जाता. भाजपा का इस जांच पर इतना उतावलापन ठीक नहीं. रघुवर दास ने हेमंत सोरेन के खिलाफ असंसदीय शब्दों का प्रयोग किया था.
उनके खिलाफ एससी-एसटी थाना में केस दर्ज है. बाबूलाल सामने आकर बोलें कि 2014-19 में जो भ्रष्टाचार हुए, सबकी जांच होगी. जैसी करनी वैसी भरनी. जो जैसा किया है, उसे भरना ही होगा.
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जांच से डर कैसा
अगर चुनाव प्रकरण मामले की जांच में सब सही पाये जाता है डर कैसा. खुद रघुवर ने कहा है कि उन्हें डर नहीं है. उनका जीवन खुली किताब है. तब इस मामले में दीपक प्रकाश ऐसा आचरण क्यूं दिखा रहे हैं ? मामले में कानून को अपना काम करने दिया जाये. राजनीतिक हस्तक्षेप से बचना ठीक रहेगा.
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