
- बिना बोर्ड की सहमति और विभागीय परीक्षा के दिया गया जेई का प्रभार
- विद्युत अभियंता डिप्लोमा संघ ने सौंपा जेबीवीएनएल एमडी को ज्ञापन
Ranchi: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के क्षेत्रीय कार्यालय धनबाद में पिछले दिनों क्लर्कों और स्विचरमैन को जेई का प्रभार दिया गया.
इस संबध में विद्युत आपूर्ति क्षेत्रीय महाप्रंबधक प्रतोष कुमार ने 25 जनवरी को अधिसूचना जारी की. न ही इसके लिये निगम की ओर से परीक्षा आयोजित की गयी और न ही बोर्ड में इसे स्वीकृति दी गयी.
गलत तरीके से पांच लोगों को जेई का प्रभार दिये 15 दिन हो गये. लेकिन अभी तक विद्युत आपूर्ति क्षेत्रीय महाप्रबंधक, धनबाद की ओर से इस पत्र को वापस नहीं लिया गया.
इस संबध में विद्युत अभियंता डिप्लोमा संघ की ओर से सोमवार को फिर से जेबीवीएनएल एमडी को ज्ञापन सौंपा गया.
संघ के सचिव प्रमोद कुमार जायसवाल ने बताया कि निगम के डिग्री और डिप्लोमा धारी तकनीकी कर्मियों को आंतरिक प्रोन्नति देने का प्रावधान है.
लेकिन इसके लिये पूर्व में सूचना जारी की जानी चाहिए जो कि महाप्रबंधक धनबाद की ओर से नहीं किया गया.
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निगम बोर्ड में प्रस्ताव पास होना चाहिए
प्रमोद कुमार जायसवाल ने बताया कि जारी पत्र में स्थापना समिति धनबाद कार्यालय में लिये गये निर्णय का हवाला दिया गया है. जबकि इस प्रस्ताव को निगम के बोर्ड में पास कराया जाता.
बता दें कि उर्जा विकास निगम में पहले से ही इंजीनियरों की भारी कमी है. सिर्फ इंजीनियरों की ही नहीं बल्कि क्लर्कों और स्विचरमैन की भी कमी है.
इन्होंने कहा कि पूरा मामला जांच का विषय है. क्योंकि बगैर परीक्षा लिये और बगैर बोर्ड में प्रस्ताव पास कराये प्रोन्नति दी गयी. पहले भी इस तरह दी गयी इंजीनियरों की प्रोन्नति को रोका गया है.
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उच्च पदों पर प्रोन्नति के लिए मुख्यालय से सहमति जरूरी
एमडी को दिये ज्ञापन में संघ की ओर से बताया गया कि झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड के तत्कालीन सचिव की ओर से निर्देश जारी किया गया कि किसी भी कर्मी को उच्च पद पर बिना मुख्यालय की अनुमति नहीं दिया जा सकता है.
जायसवाल ने बताया कि स्पष्ट है कि महाप्रबंधक, धनबाद की ओर से मुख्यालय के निर्देशों की अवहेलना की गयी. मुख्यालय के बोर्ड से सहमति बनने पर कर्मचारियों की विभागीय परीक्षा होती, जिसे उतीर्ण करने पर ही कर्मचारियों को पद दिया जाता.
लेकिन धनबाद क्षेत्रीय विद्युत आपूर्ति कार्यालय की ओर से ऐसा नहीं किया गया. वहीं इस संबध में जेएसएससी की ओर से भी परीक्षा संबधी नोटिफिकेशन निकाल कर परीक्षा आयोजित की जा सकती थी.
उर्जा विकास निगम की ओर से ही जेबीवीएनएल, जेयूएसएनएल में कर्मचारियों की बहाली की अनुशंसा विभाग से की जाती है. संघ की ओर से मांग की गयी कि धनबाद में नियम विरुद्ध हुई प्रोन्नति की कार्रवाई कर रोक लगायी जाये.
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