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#IPS नटराजन यौन शोषण मामला : याचिका वापस लेने के लिए सुषमा बड़ाईक को युवक ने धमकाया, पुलिस कर रही जांच

Ranchi : झारखंड के बहुचर्चित आईपीएस पीएस नटराजन यौन शोषण केस एक बार फिर नया मोड़ आया है. पीड़ित महिला सुषमा बड़ाइक ने इसी केस में दुर्गा साहू नाम के युवक पर धमकी देने और पिस्टल के बल पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है. इसे लेकर सुषमा बड़ाइक ने गुरुवार को सुखदेव नगर थाना में मामला दर्ज करवाया है.

गौरतलब है कि बहुचर्चित आईपीएस पीएस नटराजन को यौन शोषण केस के मामले में वर्ष 2017 में कोर्ट ने बरी कर दिया था. लेकिन अब इसी मामले में फिर से हाईकोर्ट में सुषमा बड़ाईक ने याचिका दायर किया है. सुषमा बड़ाईक ने याचिका को वापस लेने की धमकी देने का आरोप दुर्गा साहू नाम के युवक पर लगाया है. और सुखदेव नगर थाना में मामला भी दर्ज कराया है.

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क्या है मामला

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गौरतलब है कि आईपीएस नटराजन पर यौन शोषण का केस वर्ष 2005 से लेकर वर्ष 2017 तक चला था. जिसके बाद कोर्ट ने नटराजन को रिहा कर दिया था. इस रिहाई के बाद सुषमा ने कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील याचिका दायर की है, जो फिलहाल विचाराधीन है. इसी अपील याचिका को वापस लेने के लिए सुषमा ने अरगोड़ा निवासी दुर्गा नाम के युवक पर धमकी देने का आरोप लगाया है.

मामले की छानबीन में जुटी पुलिस

सुषमा बड़ाईक द्वारा दुर्गा साहू पर आरोप लगाने के मामले की पुलिस छानबीन कर रही है. मामला सुखदेव नगर थाना में दर्ज कराया गया है. जानकारी के मुताबिक, इस मामले में सुषमा बड़ाईक का कहना है कि आरोपी युवक जब घटना को अंजाम दे रहा था. उस दौरान को पुलिस को सूचना दी थी. लेकिन पुलिस ने इसकी अनदेखी की. इसके बाद गुरुवार की सुबह सुखदेव नगर थाना पहुंची और मामला दर्ज कराया.

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नटराजन को सेवा से सरकार ने किया था बर्खास्त

सुषमा बड़ाईक यौन शोषण मामले में फंसे पूर्व आईजी पीएस नटराजन को 23 दिसंबर 2017 को अदालत ने सभी आरोपों से बरी कर दिया था. न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत ने इस केस की सुनवाई की थी. साल 2005 से 2017 तक चले इस केस में 71 गवाह कोर्ट में पेश किए गए थे. जिसमें नटराजन की ओर से 14 गवाह कोर्ट में पेश किए गए. इस मामले में सबसे यौन शोषण की वीडियो रिकॉर्डिंग रही, जिसे स्टिंग के जरिए फिल्माया गया था.

आरोपी पूर्व आईजी पीएस नटराजन पर एससी-एसटी एक्ट के तहत 2005 में मामला दर्ज किया गया था. नटराजन को सरकार ने लंबे समय तक निलंबित रखा और बाद में सेवा से बर्खास्त कर दिया था.

परवेज हयात पर लगे यौन शोषण के आरोप की जांच का नटराजन को मिला था

गौरतलब है कि सुषमा बड़ाईक ने पलामू के तत्कालीन डीआईजी परवेज हयात पर यौन शोषण का आरोप लगाया था. इस मामले की जांच रांची के तत्कालीन आईजी पीएस नटराजन को सौंपा गया था. मामले की जांच के दौरान ही सुषमा बड़ाईक पीएस नटराजन से मिलती–जुलती थी.

उसी दौरान लोअर बाजार थाना में सुषमा बड़ाईक ने पीएस नटराजन पर भी यौन शोषण का मामला दर्ज करवाया था. सुषमा ने बताया था कि पहली बार नटराजन उससे मिलने कांके स्थित उसके पिता के घर पहुंचे थे. इसके बाद वो अपने पति राजेश कुजूर के साथ चांदनी चौक स्थित रायजी के मकान में रहने लगी.

सुषमा के मुताबिक, उस घर में भी कई बार नटराजन ने उसका रेप किया था. सुषमा ने अपने पति पर आरोप लगाया था कि इसमें उसके पति राजेश कुजूर ने भी नटराजन का साथ दिया था. और विरोध करने पर दोनों उसके साथ मारपीट करते थे. सुषमा ने साथ ही कहा था कि आखिर में वो कलिंगा अपार्टमेंट में मधुप्रिया के फ्लैट में शिफ्ट हो गई.

वहां भी नटराजन ने उसके साथ मधुप्रिया के साथ मिलकर योन शोषण किया. जिससे तंग आकर उसने मीडिया से संपर्क किया और उसी फ्लैट में यौन शोषण का वीडियो बनाया. उस वीडियो के मीडिया में लीक होने के बाद काफी हंगामा हुआ था और एफआईआर भी दर्ज किया गया था.

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