
New Delhi: अफगानिस्तान में तालिबान का खूनी खेल जारी है. पंजशीर घाटी पर कब्जा जमाने के लिये तालिबान आतुर है. इस दौरान तालिबान को जोरदार झटका लगा है. पंजशीर की ओर बढ़ रहे 300 तालिबानी लड़ाकों को विद्रोहियों ने मौत के घाट उतार दिया है. विद्रोहियों का दावा है कि उन्होंने तालिबान के नियंत्रण को तीन जिलों को वापस ले लिया है. इधर, तालिबान ने इस खबर को झूठी करार देते हुए दावा किया है कि पेजशीर के दो जिलों पर उसने कब्जा कर लिया है.
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प्राप्त जानकारी के अनुसार तालिबान फसीहुद दीन हाफिजुल्लाह के नेतृत्व में पंजशीर पर हमला करने के लिए सैकड़ों लड़ाकों को भेजे थे. बताया जा रहा है कि जैसे ही तालिबानी लड़ाके अंदराब घाटी पहुंचे वहां घात लगाए बैठे पंजशीर के विद्रोहियों ने उन पर हमला कर दिया. इस हमले में तीन सौ तालिबानियों के मारे जाने की सूचना है.
बानू के पूर्व पुलिस प्रमुख असदुल्ला ने कहा कि ऊपर वाले और मुजाहिदीन के समर्थन से हमने तालिबान के नियंत्रण से तीन जिलों को मुक्त करा लिया है. हम अब खिनजान जिले की ओर बढ़ रहे हैं. जल्द ही बगलान प्रांत से तालिबान का सफाया कर देंगे. वहीं बगलान में राजमार्ग के प्रभारी पूर्व पुलिस कमांडर गनी अंदाराबी ने कहा कि अल्लाह की मदद से, हमने तालिबान के लड़ाके को बड़े पैमाने पर हताहत किया है. फिलहाल बानू जिला तालिबान विरोधियों के हाथ में है.
अहमद मसूद ने साफ कर दिया है कि हम सरेंडर करने वालों में से नहीं हैं. जंग के लिए तैयार हैं. उनका कहना है कि हमारे दस हजार से ज्यादा लड़ाके तालिबान से टक्कर लेने के लिए तैयार हैं. तालिबानी हमसे न टकराए तो ही बेहतर रहेगा. मसूद ने कहा है कि वह अपने पिता के नक्शेकदम पर चलेगा और तालिबान के सामने किसी भी हालत में आत्मसमर्पण नहीं करेगा. मालूम हो कि मसूद पंजशीर इलाके में ताकतवर माने जाते हैं.




