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नक्सली अभियान स्पेशलिस्ट बताकर जिस इंस्पेक्टर का SP ने रोका था तबादला, उसी को नहीं मिली नक्सलियों की सक्रियता की भनक 

Ranchi: चंदवा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मोहन पांडेय की नक्सली अभियान में अच्छी समझ और सूचना तंत्र अच्छा होने की बात कहकर लातेहार एसपी ने तबादला रोकने का अनुरोध किया था.

मजबूत सूचना तंत्र होने के बावजूद भी इंस्पेक्टर को 22 नवंबर की रात चंदवा के लुकइया मोड़ में हुई घटना की जानकारी नहीं मिली. ना ही नक्सलियों की सक्रियता की जानकारी मिली. इस घटना के बाद पुलिस मुख्यालय ने चुनाव आयोग से इंस्पेक्टर मोहन पांडेय को निलंबित करने की अनुशंसा की है.

इसके अलावा पलामू जिला के पिपरा थाना प्रभारी को भी निलंबित करने की अनुशंसा पुलिस मुख्यालय ने की है. गौरतलब है कि रविन्द्र गंझु का दस्ता लंबे समय से लातेहार-लोहरदगा सीमा पर सक्रिय रहा है.

22 नवंबर की रात को चंदवा के लुकइया मोड़ के पास पुलिस पीसीआर पर नक्सलियों ने हमला किया और इस घटना में चार जवान शहीद हो गये. पर पुलिस के सूचना तंत्र को इसकी जानकारी तक नहीं मिली. मामले में चंदवा थाना की भी भूमिका लापरवाही भरी रही. नक्सलियों ने इसी कमजोर सूचना तंत्र का फायदा उठाते हुए घटना को अंजाम दिया.

लातेहार हमले के बाद हटाये गये चंदवा थाना प्रभारी 

लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात हुई नक्सली घटना में 4 जवानों के शहीद होने के बाद चंदवा थानेदार मोहन पांडेय पर गाज गिरी है.

एसपी ने तत्काल प्रभाव से हटाते हुए थानेदार को लाइन हाजिर कर दिया है और उनकी जगह मदन कुमार शर्मा को चंदवा थाना प्रभारी बनाया गया है. मदन कुमार शर्मा ने शनिवार देर रात चंदवा थाना का प्रभार लिया.

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तबादला के बाद भी लातेहार में रोककर रखा गया था

झारखंड पुलिस लातेहार में निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव कराना चाहती है .तब, जब एक इंस्पेक्टर और चार दारोगा को लातेहार में ही रहने दिया जाये. इनसे पुलिस को मदद मिलेगी. पांचों का तबादला हो गया था. क्योंकि पांचों ने लातेहार जिला में अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है.

लातेहार एसपी चाहते थे कि इन पांचों को तबादला संबंधी प्रावधान से छूट दे दिया जाये. जिस एक इंस्पेक्टर मोहन पांडेय का तबादला रोकने का अनुरोध किया गया था, उनका तबादला रांची किया गया था.

अन्य चार दारोगा में नित्यानंद प्रसाद का तबादला झारखंड जगुआर में, आलोक कुमार दुबे का तबादला रांची, सुभाष कुमार पासवान का तबादला बोकारो, प्रभाकर मुंडा का तबादला सीआइडी में किया गया था, लेकिन इन सभी अधिकारियों को लातेहार में ही रोककर रखा गया था.

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तबादला रोकने के लिए दिया गया तर्क

पांचों का तबादला रोकने के लिए तर्क दिया गया है कि पांचो पुलिस पदाधिकारी को उनके घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति एवं नक्सल विरोधी अभियान तथा नक्सलियों की गतिविधि की विशेष जानकारी है. तथा इनका सूचना तंत्र भी अच्छा है.

इनके जिला में बने रहने से विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्वक व निष्पक्ष संपन्न कराने में सहायता मिलेगी. इसलिए विधानसभा चुनाव शांतिपूर्वक व निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए पांचो पदाधिकारियों का लातेहार में बने रहना उचित रहेगा.

एसपी ने यह पत्र पुलिस मुख्यालय को लिखा और पुलिस मुख्यालय ने गृह विभाग को. अब गृह विभाग के संयुक्त सचिव अनिल कुमार सिंह ने पुलिस मुख्यालय की अनुशंसा को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को भेजते हुए पांचो पुलिस अफसरों को तबादला संबंधित प्रावधान से छूट देने का अनुरोध किया है

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