
Saraikela : राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड क्षेत्रीय निदेशालय जमशेदपुर के तत्वाधान में सरायकेला प्रखंड के केन्दुआ उच्च विद्यालय प्रांगण में मनरेगा श्रमिकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को समापन हो गया. बोर्ड के शिक्षा पदाधिकारी राजकिशोर गोप ने केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही मनरेगा के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मनरेगा कोई योजना नहीं बल्कि एक अधिनियम है. इसे केन्द्र सरकार की ओर से 2005 में लागू किया गया था. इसके तहत ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों को पंचायतों के माध्यम से साल में कम से कम 100 दिन का रोजगार देने का प्रावधान है. मजदूरों को रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता दिए जाने का प्रावधान हैं अभी मनरेगा श्रमिकों को 289 रुपये मजदूरी देने का प्रावधान है. इसे समय-समय पर केंद्र सरकार मंहगाई के अनुसार संशोधित करती है. ई श्रम पोर्टल की जानकारी देते हुए मनरेगा श्रमिकों को निबंधन कराने की अपील की. प्रशिक्षण को सांसद प्रतिनिधि जगत किशोर प्रधान, कार्यक्रम समन्वयक हेमसागर प्रधान ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम में केन्दुआ, गुड़ियाटांड़, सरमाली तथा डुंगरीडीह के 10 पुरुष तथा 70 महिला मनरेगा श्रमिकों ने हिस्सा लिया. मौके पर विकास प्रमाणिक, वार्ड सदस्य भवानी महतो, आसडू सरदार, कुलेश्वर महतो, फटीकचंद्र मंडल आदि मौजूद थे.
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