JharkhandMain SliderRanchi

छह IAS जांच के घेरे में, प्रधान सचिव रैंक के अफसर आलोक गोयल की रिपोर्ट केंद्र को भेजी, चल रही विभागीय कार्रवाई

Ranchi: सरकार ने ब्यूरोक्रेसी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. ब्यूरोक्रेसी भी विवादों से अछूती नहीं रही. आज की तारीख में लगभग छह आईएएस जांच के घेरे में आ गये हैं. इसमें अपर मुख्य सचिव से सचिव रैंक के अफसर भी शामिल हैं. इन अफसरों पर जल्द ही विभागीय कार्रवाई शुरू की जायेगी.

इसे भी पढ़ेंःधनबाद नगर निगम की दो करोड़ रुपये की जमीन पर दबंगों का कब्जा.. इसे खाली कौन कराएगा?

1990 बैच के अफसर आलोक गोयल पर वित्तीय अनियमितता की रिपोर्ट केंद्र को भेज दी गई है. सूत्रों के अनुसार, पूरी ऑडिट रिपोर्ट भी केंद्र को भेजी गई है. फिलहाल गोयल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई जारी है. गोयल वर्तमान में झारखंड भवन नई दिल्ली में ओएसडी के पद पर पदस्थापित हैं.

अपर मुख्य सचिव रैंक के अफसर पर भी होगी विभागीय कार्रवाई

वहीं अपर मुख्य सचिव रैंक के अफसर अरूण कुमार सिंह पर भी विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. उनसे स्पष्टीकरण भी पूछा गया है. सूत्रों के अनुसार, यह प्रक्रिया जल्द शुरू होगी. अरूण सिंह भी मुख्य सचिव पद के दावेदार माने जा रहे थे. अरूण सिंह वर्तमान में जलसंसाधन विभाग में अपर मुख्य सचिव हैं.

इसे भी पढ़ेंःधनबाद के PMCH में एडमिशन के नाम पर पैसों की लूट, दलालों ने कमाये 5 घंटे में लाखों रुपये

बाघमारे प्रसाद पर भी तय होगा आरोप

एक साल से ड्यूटी से गायब रहने वाले आईएएस अफसर बाघमारे प्रसाद कृष्णा भी विभागीय कार्रवाई में दोषी पाये गये हैं. इस पर सरकार जल्द आरोप तय करेगी. विभागीय कार्रवाई के संचालन पदाधिकारी अपर मुख्य सचिव इंदू शेखर चतुर्वेदी ने जांच रिपोर्ट कार्मिक को सौंप दी है.

इसे भी पढ़ेंःडॉ. हेमंत नारायण सालाना 83 लाख रुपए की करते हैं टैक्स चोरी, IT ने सर्वे में सालाना एक करोड़ का टैक्स किया तय

बाघमारे ने 22 मई 2017 को आवेदन दिया कि वह 22 मई 2017 से 25 जुलाई 2017 तक स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी पर रहेंगे. 21 जुलाई 17 को फिर सरकार को ई-मेल कर 25 अगस्त 2017 तक छुट्टी बढ़ाने का आवेदन दिया. इसके बाद सरकार से कोई संपर्क नहीं है. कार्मिक विभाग ने कई बार बाघमारे को रिमांडर भी भेजा है.

Related Articles

Back to top button