Opinion

#Corona पर फोर्ब्स की रैंकिंग: क्वारेंटाइन करने की दक्षता, प्रबंधन, निगरानी, जांच और उपचार में भारत का रैंक 40 देशों भी नहीं

Apoorv Bhardwaj

कुछ दिन पहले साहब अपनी बहुत पीठ थपथपा रहे थे कि और भारतीय मीडिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डंका बजना शुरू हो गया था. अब फोर्ब्स ने इस महामारी से लड़ने में सबसे बेहतर और सुरक्षित काम करने वाले 40 देशों की रैंकिंग जारी की है. जो पहले के दावों की पोल खोलकर रख देती है.

विश्व के 200 से अधिक देशों के डेटा का विश्लेषण किया गया है और 60 देशों को अंततः रैंकिंग में शामिल किया गया. 4 विशिष्ट श्रेणियों में 24 विशिष्ट मापदंडों का उपयोग करके देशों का मूल्यांकन किया गया है. क्वारेंटाइन करने की दक्षता, प्रबंधन दक्षता, निगरानी और जांच और आपातकालीन उपचार की तत्परता जैसे मानकों पर 60 देशों को सेफ्टी रैंकिंग दी गयी है.

advt

इसे भी पढ़ें – #CoronaVirus : रांची में 6 और कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले, राज्य में संक्रमण का आंकड़ा हुआ 73

रिपोर्ट कहती है, जो देश इस महामारी से लड़ने में असमर्थ हैं, वे पूरे विश्व के लिए भौगोलिक और आर्थिक रुप से खतरा हो सकते हैं. ऐसा ही कुछ हमने सीरिया में आईएसआईएस के साथ युद्ध में देखा था.

जिसके कारण यूरोप में शरणार्थियों की बाढ़ आ गयी थी. इसलिए, सुरक्षा और जोखिम रैंकिंग तैयार करने में, देशों की स्थिरता, आर्थिक और जियो पॉलिटिक्स सुरक्षा से संबंधित मापदंडों पर विचार किया गया.

यह लिस्ट पिछले एक महीने के डाटा के बिग डाटा के विश्लेषण के आधार पर तैयार की गयी है. इस लिस्ट में भारत का कहीं कोई जिक्र नहीं है. हमसे कई गुना छोटा देश इजरायल पहले नंबर पर है, जबकि मलेशिया 32वें और थाईलैंड 21वें नंबर पर है. सेफ्टी के सारे मानकों पर भारत बहुत पीछे है.

adv

इसे भी पढ़ें – बिजलीकर्मियों की मांग: बिजली महत्वपूर्ण सेवा इसलिए हमें भी मिले कोरोना वॉरियर्स का दर्जा

ये रिपोर्ट लगभग वो सब बातें दोहरा रही है, जो मेरे जैसे डाटा विश्लेषक 1 महीने से कह रहे हैं. भारत ने 15 दिन लेट लॉकडाउन किया है और टेस्टिंग में हम बहुत पीछे है. यह रिपोर्ट में स्पष्ट है, पर यह बात मोदी के प्रशंसकों और गोदी मीडिया को समझ नहीं आयेगी और कोई चैनल यह रिपोर्ट नहीं दिखायेगा. ना ही छापेगा.

इसलिए डाटा और तर्कों पर विश्वास कीजिये. किसी मसीहा पर नहीं. जो केवल मन की बात करता हो. लेकिन विज्ञान की नहीं उसे केवल उसपर भरोसा करने वाली भीड़ चाहिए और भीड़ के पास अंधविश्वास से ज्यादा शक्तिशाली और कोई लीडर नहीं होता.

इसे भी पढ़ें –#FightAgainstCorona : कोरोना हॉटस्पॉट जुरू पंचायत क्षेत्र सील, संक्रमितों के संपर्क में आये परिजनों व अन्य की मेडिकल जांच शुरू

डिस्क्लेमर : ये लेखक के निजी विचार हैं.

advt
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button