
Ranchi: रांची के नामकुम थाना क्षेत्र के खरसीदाग इलाके में सोमवार को प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआइ के बीच मुठभेड़ हुई. जानकारी के अनुसार मुठभेड़ के बाद सर्च अभियान में एरिया कमांडर कुंवर उरांव उर्फ जयनाथ सहित छह उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार हुए उग्रवादियों से पुलिस पूछताछ कर रही है. इनके पास से हथियार भी बरामद किये गये है. पकड़े गए उग्रवादी हत्या, आगजनी और लेवी वसूली की घटना में शामिल रहे है. इलाके में सर्च अभियान जारी है.
एसएसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि पीएलएफआई का एरिया कमांडर कुंवर गोप उर्फ जयनाथ अपने अन्य सहयोगियों के साथ नामकुम थाना क्षेत्र स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क के पास एक अर्धनिर्मित मकान में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा है. सूचना के आधार पर एसएसपी के निर्देश पर एसएसपी की स्पेशल क्यूआरटी टीम ने अभियान चलाया. इस दौरान दोनों ओर से फायरिंग भी हुई. पुलिस को देखकर सभी उग्रवादी भागने लगे जिसके बाद पुलिस की टीम ने खदेड़कर कुंवर गोप सहित छह उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है.
रांची के खरसीदाग ओपी क्षेत्र के बायोडायवर्सिटी पार्क के पीछे पुलिस और उग्रवादियों के बीच सोमवार को मुठभेड़ हो गई. इस बीच पीएलएफआई का एरिया कमांडर कुंवर गोप उर्फ जयदीप उर्फ जैना समेत आधा दर्जन उग्रवादी पुलिस के हत्थे चढ़ गए. बताया जा रहा है कि एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा को गुप्त सूचना मिली थी कि पीएलएफआई उग्रवादी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए खरसीदाग में जुटे हैं. एसएसपी के निर्देश पर ग्रामीण एसपी नौशाद आलम ने स्पेशल टीम का गठन किया. गठित टीम ने नामकुम थाना क्षेत्र के भुसूर स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क के पीछे एक अर्धनिर्मित मकान को घेरा. इसकी जानकारी मिलते ही एरिया कमांडर कुंवर अपने साथियों के साथ भागने लगा. इस दौरान फायरिंग शुरू हो गई. पुलिस की टीम ने खदेड़कर एरिया कमांडर समेत आधा दर्जन उग्रवादियों को धर-दबोचा. इन उग्रवादियों के पास से पुलिस ने हथियार, मोबाइल व कैश भी बरामद की है. बताया जा रहा है कि एरिया कमांडर अपने साथियों के साथ रंगदारी वसूलने के लिए जुटा था. इसकी जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई.
शहर के कारोबारी थे नक्सलियों के निशाने पर
जानकारी के अनुसार हाल में दर्जनों लोगों से रंगदारी की मांग की गई थी. इनमें जिन कारोबारियों द्वारा रंगदारी की रकम नहीं दी गई. उनके खिलाफ किसी घटना को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही थी. इसकी गुप्त सूचना पुलिस को मिलने के बाद खरसीदाग ओपी इलाके के बायोडायवर्सिटी पार्क के पीछे स्थित एक अर्धनिर्मित मकान में छापेमारी की गई. जहां सभी मिलकर बैठक कर रहे थे. कुंवर उरांव हाल में ही जेल से छूटा है. वह पुनई उरांव के साथ इलाके में सक्रिय रह रहा था. पुनई के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद पूरे इलाके में संगठन का विस्तार कर रहा था.
पहले भी दबोचा गया था कुंवर
वर्ष 2019 में एरिया कमांडर कुंवर को दबोचा गया था. कुंवर के साथ नगड़ी के गडग़ांव निवासी मंगरा उरांव और खूंटी आजाद नगर निवासी तौसीफ अनवर भी पकड़ा गया था. कुंवर उर्फ जैना ने नगड़ी इलाके में कोल साइडिंग करने वाले बाबू खान की हत्या की थी. बाबू से कुंवर ने लेवी मांगी थी. इसपर उसने देने से मना कर दिया था. इसी वजह से उसे मौत के घाट उतार दिया था. वर्ष 2012 के 23 नवंबर को लापुंग में सम्राट गिरोह के दिलीप साहू की गोली मारकर हत्या कर दी थी. उस समय वह संगठन में नया जुड़ा था. वर्चस्व के लिए उसने साहू को रास्ते से हटा दिया था. 12 अक्टूबर को लापुंग में ही सुकरा उरांव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उसकी हत्या कर पर्चा छोड़ा था. जिसमें हत्या की जिम्मेदारी ली थी. इधर, जेल से छूटकर फिर संगठन के लिए सक्रिय हो गया था. संगठन के लिए लगातार लेवी वसूल रहा था.




