
Patna City: उत्तर प्रदेश के शामली के रहने वाले परमजीत सिंह ने पटना में आत्महत्या कर ली . 25 साल के परमजीत ने कालीस्थान स्थित बाललीला गुरुद्वारा के सटे एनआरआइ डेरा गुरु नानक निष्काम सेवक जत्था के कमरा में पंखे से झूलकर अपनी जान दे दी. सुसाइड का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है.
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एनआरआइ डेरा गुरु नानक निष्काम सेवक जत्था के कर्मचारी ने बताया कि रविवार को दिन में 11 बजे लगभग 25 वर्षीय परमजीत सिंह शामली आया. उसने अपना पता उत्तर प्रदेश के कादरगढ़ नीलाशी बताया. उसने पंजी में आवासीय स्थान शामली दर्ज किया है. वह सोमवार को जाने की बात पंजी में दर्ज किया है. कर्मचारी ने युवक को डबल बेड वाला कमरा संख्या 107 दिया. कर्मचारी ने पुलिस को बताया कि कमरे में जाने से पहले उसने पूछा था कि कमरे में अंदर सिटकिनी है या नहीं. कर्मचारी से वह चाबी लेकर कमरे में पहुंचा. पुलिस का कहना है कि कुछ देर बाद उसने कमरे में लगे पंखे में सिरोपा का फंदा लगाकर झूल गया.

सुसाइड से पहले आया लाइव
सुसाइड से पहले परमजीत सिंह फेसबुक पर लाइव आया और उसने अपनी बात कहनी शुरू की. दरअसल, परमजीत किसी लड़की से प्यार करता था. शायद वो लड़की भी शामली की रहने वाली है. दोनों के बीच 2 साल तक अफेयर चला. अचानक से लड़की ने उससे बात करना बंद कर दिया. अपने वीडियो में उसने कहा- मैंने इस दुनिया में अब तक कोई भी चीज नहीं हारा. बस एक प्यार है, जिसने मुझे हरा दिया. मैन उसे प्यार किया. सब कुछ बढ़िया चल रहा था. आपस में सभी बातें भी करते थे. बस एक गलती से थोड़ी दूरी आ गई. पिछले साल के ही नवंबर महीने से वो बात नहीं कर पा रहा था. लड़की की मां ने एक बार पकड़ लिया था. मां ने लड़की के मोबाइल में सबकुछ देख लिया था. उस वक्त उस लड़की ने कहा था कि कुछ दिनों में सब ठीक हो जाएगा. लेकिन, उसके बाद से उसका कोई कॉल नहीं आया. मैं कॉल करता रहा, पर कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला. दिन-रात हर 5 मिनट पर उसे कॉल करता था. मगर, उसने देखा तक नहीं. इसी साल 1 जनवरी को मिलने गया था उससे. उसकी बहन ने कहा था कि दीदी एग्जाम देने गई और 10 दिन बाद वापस आएगी. मेरी उससे कोई बात भी नहीं कराई. बस 1 फरवरी को थोड़ी सी बात हुई थी. बस इतना ही कहा कि अपना ख्याल रखना. मैं बीमार हुआ, लंग्स भी खराब हुए, गुरुद्वारा के 5वीं मंजिल से गिरा भी पर उसे कोई फर्क नहीं पड़ा. उसके एक दीदार को तरसता रहा. मगर वो मिलने आई ही नहीं. लेकिन, मैं उससे मिलना चाहता था. उसे एक बार देखना चाहता था. आज मैं पटना साहिब आया हूं.
मरने से पहले प्रेमिका से की खास अपील
परमजीत अपने वीडियो में कहा कि उसे यकीन नहीं होगा कि मैं छोड़ कर चला गया. समझ लेना कि मेरी जिंदगी इतनी ही थी. वीडियो में हाथ जोड़कर सभी से माफी भी मांगी. लड़की से अपील की कि हमेशा खुश रहना. अपना घर बसा लेना. रोते हुए कहा कि तुम्हारा उठना-बैठना बड़े लोगों के साथ हो गया है. बहुत कुछ होगा लाइफ में. मैं बहुत प्यार करता हूँ उसे. दो साल का रिलेशनशिप था हमारा. बस मेरा कसूर इतना है कि मेरा कोई अपना नहीं है. मैं गरीब हूं. हंस के ही विदा करूंगा यार अपने आप को. भूल चूक की माफी. बाबू अपना ख्याल रखना. गर्म पानी और दवाई ले लेना.

रविवार को रात में लगभग दस बजे पुलिस ने जब दूसरी चाबी से कमरा खोलना चाहा तो अंदर से कमरा बंद मिला. इसके बाद किवाड़ पर हथौड़ा मारकर कमरा खोला तो युवक झूलता मिला. युवक का पैर के नीचे कुर्सी जमीन पर गिरी थी. वहीं दूसरी ओर एक कुर्सी पर युवक का काला रंग का बैग रखा था. पीछे एक बेड पर तकिया के पास पर्स, चाबी रिंग तथा चश्मा पड़ा था. वहीं दूसरे बेड के तकिया पर मोबाइल था, जिससे युवक ने फेसबुक लाइव किया था. कमरा खोलने के बाद एसी चल रहा था. चौक थानाध्यक्ष गौरीशंकर गुप्ता ने बताया कि स्वजनों के आने के बाद ही आत्महत्या का कारण स्पष्ट हो पाएगा. पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है.




