JharkhandLead NewsRanchi

लोकपाल की नियुक्ति व वित्तीय अनियमितता की वसूली नहीं हुई तो श्रम बजट पर विचार नहीं करेगा केंद्र

Ranchi: झारखंड में अभी तक लोकपाल की नियुक्ति नहीं होने को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस बाबत राज्य सरकार को पत्र लिखा है और कहा कि लोकपाल के पदों में 80 फीसदी तक नियुक्ति अगर नहीं की गयी तो वित्तीय वर्ष 2022-23 का लेबर बजट पर विचार नहीं किया जायेगा.

इसे भी पढ़ें : 2021 में बदलते मौसम की पड़ी मार, झारखंड में 111 लोगों ने गंवाई जान

मनरेगा निदेशक धर्मवीर झा इस बाबत ग्रामीण विकास सचिव व पंचायती राज विभाग के सचिव को पत्र लिखा है. निदेशक ने केंद्र सरकार के फैसले से अवगत कराते हुए कहा कि मनरेगा योजना में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को तय करने के लिए हर स्तर पर जवाबदेही तय करने की जरूरत है. ऐसे में लेबर बजट तैयार करने के दौरान यह बात सामने आ रही है कि पिछले वित्तीय वर्ष और इस वित्तीय वर्ष में भी कई तरह की कमियां बरकरार है. ऐसे में सभी जिलों में लोकपाल की नियुक्तियां होनी चाहिए.

इसे भी पढ़ें : झारखंड में 24 घंटे में कोरोना से 3 की मौत, 3749 नए मरीज मिले

वहीं मनरेगा से जो वित्तीय अनियमितता की बात सामने आयी है कि उसका कम से कम 50 फीसदी राशि की वसूली नहीं हुई तो अगामी वित्तीय वर्ष के श्रम बजट पर विचार नहीं किया जायेगा. बता दें कि मनरेगा से झारखंड में 52 करोड़ से अधिक की वित्तीय अनियमितता की बात सोशल ऑडिट में पकड़ायी है. इसमें सिर्फ 9.85 फीसदी ही राशि की वसूली अब तक हो पायी है. वहीं,लोकपाल की नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ हुई है,लेकिन यह अभी तक कागजों पर ही है.

इसे भी पढ़ें : देवघर में घटने लगी कोरोना संक्रमण की रफ्तार

Related Articles

Back to top button