
Ranchi: झारखंड में अभी तक लोकपाल की नियुक्ति नहीं होने को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस बाबत राज्य सरकार को पत्र लिखा है और कहा कि लोकपाल के पदों में 80 फीसदी तक नियुक्ति अगर नहीं की गयी तो वित्तीय वर्ष 2022-23 का लेबर बजट पर विचार नहीं किया जायेगा.
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मनरेगा निदेशक धर्मवीर झा इस बाबत ग्रामीण विकास सचिव व पंचायती राज विभाग के सचिव को पत्र लिखा है. निदेशक ने केंद्र सरकार के फैसले से अवगत कराते हुए कहा कि मनरेगा योजना में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को तय करने के लिए हर स्तर पर जवाबदेही तय करने की जरूरत है. ऐसे में लेबर बजट तैयार करने के दौरान यह बात सामने आ रही है कि पिछले वित्तीय वर्ष और इस वित्तीय वर्ष में भी कई तरह की कमियां बरकरार है. ऐसे में सभी जिलों में लोकपाल की नियुक्तियां होनी चाहिए.
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वहीं मनरेगा से जो वित्तीय अनियमितता की बात सामने आयी है कि उसका कम से कम 50 फीसदी राशि की वसूली नहीं हुई तो अगामी वित्तीय वर्ष के श्रम बजट पर विचार नहीं किया जायेगा. बता दें कि मनरेगा से झारखंड में 52 करोड़ से अधिक की वित्तीय अनियमितता की बात सोशल ऑडिट में पकड़ायी है. इसमें सिर्फ 9.85 फीसदी ही राशि की वसूली अब तक हो पायी है. वहीं,लोकपाल की नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ हुई है,लेकिन यह अभी तक कागजों पर ही है.
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