
Palamu : लोकतंत्र और संविधान की हिफाजत के लिए जनता के बीच सामाजिक, राजनीतिक व सांस्कृतिक चेतना जागृत करने के अभियान पर निकली महिलाओं का कारवां पलामू पहुंचा. हिंसा के खिलाफ शांति के लिए, नफरत के खिलाफ प्रेम के लिए, और सांप्रदायिकता के खिलाफ भाईचारा के लिए संघर्षशील महिलाएं अमन की बातें लोगों से कर रही हैं.
देश के विभिन्न राज्यों में सामाजिक, राजनीतिक व सांस्कृतिक रूप से सक्रिय महिलाओं के नेतृत्व में पांच अलग-अलग जत्था पूरे देश में घूम रहा है. अमन की बातें लेकर समानता यात्रा के साथ पलामू पहुंची महिलाओं के साथ विभिन्न संगठनों ने शांति मार्च निकाला. लोगों से जन संवाद किया और संविधान व लोकतंत्र की हिफाजत के लिए आगे आने का संकल्प भी लिया. मार्च में शामिल इप्टा के कलाकारों ने गर हो सके तो अब कोई समां जलाईये, इस अहले सियासत का अंधेरा मिटाइये है गीत के जरिए जनता की एकजुटता का आह्वान किया.
पीएम मोदी पर निशाना
डालटनगंज के आईएमए हॉल परिसर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान यात्रा में शामिल महिलाओं ने न सिर्फ अपने अनुभवों को साझा किया, बल्कि देश के मौजूदा हालात पर भी चर्चा की.
इस दौरान समानता यात्रा में शामिल महिलाओं ने केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर निशाना साधा और अपने विचार साझा किये.
वही भाकपा के पूर्व राज्य सचिव सह केंद्रीय कमेटी सदस्य केडी सिंह ने यात्रा में शामिल महिलाओं को हौसला बढ़ाते हुए कहा कि झारखंड में साझी संस्कृति और मजहबी एकता की परंपरा रही है. जिसमें वर्तमान केंद्र सरकार एक साजिश के तहत खत्म कर लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ नफरत पैदा कर रही है. आज हर कौम के लोग डरे सहमे हैं. ऐसे दौर में बातें अमन की करने समानता यात्रा पर निकली महिलाओं के जज्बे को सलाम करने की जरूरत है.
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