
Akshay Kumar Jha
Ranchi: ईडी की तरफ से पूर्व डीसी छवि रंजन को 21 अप्रैल को रांची स्थित जोनल कार्यालय में हाजिर होने के लिये कहा गया था, आईएएस छवि रंजन ने ईडी से उपस्थित होने के लिये दो हफ्ते का समय मांगा था. लेकिन ईडी ने इसकी मंजूरी नहीं दी, किसी भी हाल में 21 अप्रैल को 4 बजे तक रांची स्थित जोनल कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया. न्यूज विंग की टीम चार बजकर पंद्रह मिनट तक ईडी कार्यालय के समक्ष मौजूद थी, तब तक छवि रंजन हाजिर नहीं हुए थे. पुख्ता सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कहा जा रहा है कि आईएएस छवि रंजन ने 17 अप्रैल को ही पैटर्निटी लीव लिया है. इस लिहाज से वह अभी कई दिनों तक अपने शहर और कार्यालय से बाहर रह सकते हैं. बताया जा रहा है कि इसी छुट्टी की मंजूरी का हवाला देकर आईएएस ईडी के कार्यालय नहीं जाएंगे.
बता दें कि 13 अप्रैल को ईडी ने आईएएस छवि रंजन के रांची, जमशेदपुर समेत 22 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी. कल्याण विभाग के निर्देशक के पद पर तैनात छवि रंजन को ईडी समन जारी कर 21 अप्रैल को ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय हिनू बुलाया था, लेकिन उन्होने दो हफ्ते का समय मांगा था. जिसे ईडी ने मंजूर नहीं किया. वहीं जमीन घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग संबंधी जांच कर रही ईडी अफशर अली, इम्तियाज अहमद, प्रदीप बागची, मोहम्मद सद्दाम हुसैन, तल्हा खान, भानु प्रताप प्रसाद और फैयाज खान को गिरफ्तार किया है. जिसे ईडी रिमांड पर पूछताछ की जा रही है.
रिश्वत मांगने से लेकर धमकी देने तक के लग चुके हैं आरोप
झारखंड कैडर के 2011 बैच के IAS अधिकारी छवि रंजन का विवादों से नाता रहा है. रांची डीसी रहते छवि रंजन पर सीपी सिंह ने हथियार का लाइसेंस देने के लिए पैसे लेने का आरोप लगाया था. हाई कोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार ने इनपर धमकी देने का आरोप लगाया था, राजीव कुमार के लिखित शिकायत पर हाईकोर्ट ने छवि रंजन को कड़ी फटकार लगाई थी. 2015 में कोडरमा में डीसी के पद पर रहते मरकच्चो जिला परिषद डाकबंगला परिसर में लगे पेड़ों को काटने का आदेश देने का आरोप छवि रंजन पर लगा था. मामले को लेकर विधानसभा में हंगामा हुआ था. एसीबी की पूछताछ में छवि रंजन के बाडीगार्ड ने पूछताछ में बताया था कि छवि रंजन के आदेश पर तत्कालीन अंचलाधिकारी, दो चौकीदारों और दो स्थानीय लोगों की मौजूदगी में पेड़ काटे गए. यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है. रांची डीसी रहते सेना की जमीन की फर्जी खरीद-बिक्री मामले में तत्कालीन आयुक्त की जांच रिपोर्ट में भी छवि रंजन के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी की गई थी.




