
Ranchi : वैश्विक महामारी कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बाद देश में लॉकडाउन में कई चीजों में बहुत कम समय में ही जबरदस्त बदलाव देखने को मिल रहा है. और ये बदलाव लगातार बढ़ ही रहा है. फिलहाल जो परिस्थितियां हैं, उससे बदलाव का स्परूप बढ़ता ही जायेगा. बदलाव की वजह से इंसान के जीने का तरीका भी बदलता ही जा रहा है. हर सेक्टर में बदलाव देखने को मिल रहा है.
यह बदलाव हर सेक्टर में होने वाला है. संभवत: इसकी शुरुआत स्कूलिंग सिस्टम में पहले हो. ऐसा इसलिए कि जब लॉकडाउन के बाद स्कूल खुलेंगे, तो स्कूलिंग सिस्टम काफी बदल चुका हो. इस बदलाव की तैयारी शुरू हो चुकी है. जैसे ही स्कूल खुलेंगे तो वहां सबकुछ पहले जैसा नहीं होगा. स्कूलों के साथ-साथ स्टूडेंट्स व टीचर्स को भी इन बदलावों का पालन करना होगा.
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वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद शुरू हुई कवायद
दरअसल पिछले सप्ताह केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के साथ एक वीडियो कांफ्रेंसिंग की थी. वैसे तो इस मीटिंग में कई मुद्दों पर बात हुई थी, लेकिन इस बैठक में स्कूलिंग सिस्टम को लेकर प्लानिंग तैयार करने की बात सभी राज्यों से कही गयी.
इस प्लानिंग के संबंध में सीबीएसई पटना जोन के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय का स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग बदलाव को लेकर दिशा-निर्देश तैयार कर रहा है. स्कूली शिक्षा विभाग इसे लेकर निजी स्कूलों से भी दिशा-निर्देश मांग रही है.
विभाग के अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि केंद्रीय मानव संसाधन विभाग की पहल बदलते समय के अनुसार सही है. निजी स्कूलों में बदलाव को लेकर विशेष मेहनत नहीं करनी होगी. पर सरकारी स्कूलों में तकनीकी परेशानी होगी.
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अभी सीटिंग अरेंजमेंट और सोशल डिस्टेंस पर बात
फिलहाल सीबीएसई और शिक्षा विभाग की ओर से जो जानकारी मिली है. उसके मुताबिक, अभी यह बदलाव क्लास में स्टूडेंट्स के सीटिंग अरेंजमेंट, सोशल डिस्टेंस और साफ-सफाई पर फोकस होगा. इसी को लेकर ये दिशा-निर्देश तैयार किये जा रहे हैं. अंतिम रूप से ये गाइडलाइंस बनने के बाद देशभर के स्कूलों के लिए इन्हें जारी कर दिया जायेगा.
वहीं मंत्रालय ने कहा कि जब भी स्कूल-कॉलेज खुलेंगे, स्टूडेंट्स की सुरक्षा व स्वास्थ्य के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पूरा ख्याल रखे जाने पर जोर होगा. गौरतलब है कि उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और तकनीकी संस्थानों के लिए एआईसीटीई ने जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर चुकी है.
पूरी तरह ऑनलाइन स्कूलिंग अभी नहीं
झारखंड के स्थानीय सीबीएसइ प्रतिनिधि और आइसीएसई बोर्ड प्रतिनिधियों के मुताबिक, हमें जो अपने-अपने बोर्ड से गाइलाइन मिली है. उसके अनुसार, स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही गयी है.
अभी ऑनलाइन असाइनमेंट और गूगल मीट और जूम क्लासेस से पढ़ाई करायी जा रही है. हालांकि एजुकेशन बोर्ड प्रतिनिधियों का मानना है कि ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ राज्य के सभी सौ फीसदी स्कूलों के स्टूडेंट्स को मिल रहा है, ऐसा नहीं है.
एजुकेशन बोर्ड स्वास्थ्य सुरक्षा, सोशल डिस्टेंशिंग जैसे बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार के आदेश के बाद क्लासेस शुरू कर देगा. पर स्कूल पूरी तरह से ऑनलाइन मोड में आ जाये इसलिए न तो सीबीएसइ तैयार है और न ही आइसीएसइ बोर्ड.
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