
Ranchi: मोरहाबादी मैदान से हटाए गए फुटपाथ दुकानदारों की ओर से दायर और अवमानना याचिका की सुनवाई झारखंड हाई कोर्ट में हुई. मामले में कोर्ट ने रांची नगर निगम से सूची मांगते हुए पूछा है कि जोन 2 के तहत मोरहाबादी में फुटपाथ दुकानदारों के लिए जगह आवंटित किए गए. इस सूची में निगम को यह भी इंगित करना है कि इनमें से हाईकोर्ट में जो प्रार्थी (फुटपाथ दुकानदार) आए हैं उनमें से किन-किन लोगों को दुकान के लिए जगह आवंटित किया गया है. कोर्ट ने शपथ पत्र से इसे लेकर रांची नगर निगम को दाखिल करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 26 जून निर्धारित की है. इससे पहले रांची नगर निगम की ओर से शपथ पर दाखिल कर बताया गया कि जोन 2 में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, 202 फुटपाथ दुकानदारों में से करीब 170 लोगों को दुकान आवंटित कर दिया गया है. इसलिए अवमानना याचिका समाप्त कर दी जाए. वही प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अनुराग कश्यप ने कोर्ट को बताया कि कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं हुआ है. कोर्ट ने वैसे प्रार्थियों को दुकान आवंटित करने को बोला था जिन्हें एक जगह से विस्थापित किया गया है. रांची नगर निगम ने सार्वजनिक विज्ञापन निकालकर सभी फुटपाथ दुकानदारों से आवेदन मांगा और करीब 170 फुटपाथ दुकानदारों को उसमें दुकान आवंटित किया. जबकि जो प्रार्थी इस मामले को लेकर कोर्ट आए थे उनमें से 202 में से करीब 40 फुटपाथ दुकानदारों को ही जाने 2 में दुकान आवंटित किया गया है. यहां बता दें कि दो माह पहले कोर्ट ने रांची नगर निगम को वेंडिंग जोन 2 में सभी प्रार्थियों जो मोराबादी मैदान में फुटपाथ दुकानदार थे जिन्हें हटाया गया था उन्हें दुकान आवंटित करने को कहा था. साथ ही रांची नगर निगम को इस संबंध में शपथ पत्र दाखिल करने को कहा था.
दरअसल, 1 मई 2023 को हाई कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं होने पर हाई कोर्ट की एकल पीठ ने पूर्व की सुनवाई के दौरान नाराजगी जताई थी. कोर्ट ने मौखिक कहा था कि उस समय रांची नगर निगम को फुटपाथ दुकानदारों के मोरहाबादी मैदान के आसपास की जगह की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था, फुटपाथ दुकानदारों के जगह के लिए रांची नगर निगम ने मोरहाबादी मैदान के आसपास तीन जगह चिन्हित किए थे, इसे तैयार करने के लिए एक साल का समय मांगा था. लेकिन 1 साल से अधिक भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी मोरहाबादी मैदान के दुकानदारों के पुनर्वास के लिए वेंडिंग जोन 1, जोन 2 एवं जोन 3 उपलब्ध नहीं कराया गया है.




