
Ranchi: बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद ने मानसून सत्र के दौरान गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग से होमगार्ड के जवानों को झारखंड राज्य में कार्यरत पुलिसकर्मियों के समान वेतन एवं भत्ते उपलब्ध कराने को लेकर मांग की. उन्होंने कहा कि L.P.A. NO.-272/2018 वाद में माननीय उच्च न्यायालय झारखंड के द्वारा दिनांक 14 फरवरी 2022 को आदेश देते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि झारखंड के गृह रक्षकों को पुलिसकर्मियों के अनुरूप समान कार्य का समान वेतन और भत्ता दिया जाय तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा Homeguards Welfare Association Vs. State of HP (2015) 6 SCC वाद में पुलिसकर्मियों के अनुरूप गृह रक्षकों को समान कार्य का समान वेतन देने का आदेश दिया है तथा गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा झारखंड सरकार के मुख्य सचिव को इस संबंध में पत्र भी प्रेषित किया गया है.
उन सभी आदेशों के आलोक में विधायक अंबा प्रसाद ने सरकार से माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और माननीय झारखंड उच्च न्यायालय के द्वारा दिनांक 14 फरवरी 2022 को पारित आदेश के आलोक में होमगार्ड जवानों को पुलिसकर्मियों के अनुरूप समान कार्य का समान वेतन और भत्ते का लाभ दिलाने की मांग की.
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विधायक अंबा प्रसाद द्वारा किए गए प्रश्न के आलोक में विभागीय मंत्री ने अपने जवाब में बताया कि अपर पुलिस महानिदेशक गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा के कार्यालय झारखंड रांची की पत्रांक 793, दिनांक 07/07/2022 के माध्यम से सीमावर्ती पड़ोसी राज्यों एवं अन्य राज्यों से वर्तमान में गृह रक्षकों को देय दैनिक कर्तव्य भत्ता से संबंधित प्राप्त प्रतिवेदन की समीक्षा की जा रही है तथा समीक्षा के उपरांत इस मामले में विचार किया जाएगा.
विधायक ने कहा की दूसरे राज्यों में होम गार्ड को 20-25000 रुपए महीने दिए जाते हैं जबकि झारखंड में वर्तमान में 17000 रुपए महीने दिए जा रहे हैं. इसलिए झारखंड में भी होम गार्ड के दैनिक कर्तव्य भत्ते में बढ़ोतरी के लिए उन्होंने सरकार के समक्ष मांग रखी है.
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सुखाड़ प्रभावित क्षेत्र के किसानों को मिले राहत पैकेज
विधायक अंबा प्रसाद ने विधानसभा में सुखाड़ की मार झेल रहे किसानों के लिए राहत पैकेज जारी करने का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि राज्य में मानसून सक्रिय नहीं होने के कारण वर्तमान समय तक सामान्य से काफ़ी कम बारिश हुई है जिससे सुखाड़ जैसे हालात बन गए हैं.
ऐसी स्थिति में किसानों की आमदनी और गृहस्थी बुरी तरह से प्रभावित होगी. इसलिए उन्होंने राज्य सरकार से पूरे राज्य को सूखा प्रभावित क्षेत्र घोषित कर धान की कम पैदावार से किसानों को होने वाली आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए तत्काल राहत पैकेज जारी करने की मांग की.
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