
Ranchi: कांग्रेस के तीन विधायकों के पास से अवैध नकदी की बरामदगी झारखंड में राजनीतिक भ्रष्टाचार की अगली कड़ी है. भाजपा की कोशिश है कि हेमंत सोरेन की सरकार को गिराया जाए. इसके लिए भाजपा का सबसे साफ्ट टारगेट कांग्रेस ही है. ये बातें सीपीआईएम राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने बयान जारी कर कहा. प्रकाश ने कहा कि हेमंत सरकार को गिराने के लिए कांग्रेस विधायकों को प्रलोभन दिए जाने का प्रयास इस सरकार के बनते ही शुरू हो गया था. पिछले दिनों स्वयं कांग्रेस के ही एक विधायक ने भाजपा के दिल्ली से आए एजेंटों द्वारा करोड़ों रुपये का ऑफर दिए जाने का आरोप लगाया था. साथ ही रांची के कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी .
जिसमें ऑफर देने वाले भाजपा के एजेंट जो राजधानी के एक बड़े होटल में ठहरे हुए थे भागने के क्रम में रांची पुलिस द्वारा पकड़े गए थे. जिसकी जांच राज्य सरकार कछुआ गति से करा रही है.
इसे भी पढ़ें:कोलकाता: कोर्ट ने एडवोकेट राजीव कुमार को 6 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा
प्रकाश ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में भी कांग्रेस के विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर अपनी पार्टी के दिशा निर्देश का उल्लंघन किया. इसके पीछे भी पैसे का ही खेल था. कांग्रेस के विधायकों का असम जाना. इस संदेह को बल प्रदान करता है कि झारखंड सरकार को अस्थिर करने के तार भाजपा से जुड़े हुए हैं.
माकपा राजनीतिक भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष में हमेशा अगली कतार में रही है. पश्चिम बंगाल में लगातार 34 वर्षों तक शासन चलाने के बावजूद वामदलों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने की हिम्मत विपक्षियों को भी नहीं हुई.
इसे भी पढ़ें:तीन विधायक जेल में, सदन की गरिमा गिरी है इसपर ठोस कार्रवाई हो : बिनोद सिंह




