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हेमंत सोरेन का निर्देश: पैदल चलने वालों को जिला प्रशासन पहुंचाये उनके घर, कुछ जिला एक्टिव तो कुछ नींद में

Ranchi: राज्य सरकार की तरफ से कोरोना महामारी के दौरान पैदल चल रहे मजदूरों के लिए पहल की गयी है. इस बाबत सरकार की तरफ से झारखंड के सभी डीसी को चिट्ठी लिखी गयी है. साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इससे संबंधित एक ट्वीट भी किया है.

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Sanjeevani

अपने ट्वीट में हेमंत सोरेन ने कहा है कि, “सभी ज़िलों के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि- कोई भी व्यक्ति चाहे वो झारखंड का हो या दूसरे राज्य का – झारखंड में पैदल अपने गंतव्य को ना जाये. सारे अधिकारी पूरी संवेदनशीलता के साथ ऐसे सभी लोगों की पूरी देखभाल करते हुए समूह बना, उनकी स्वास्थ्य जांच कर बसों एवं अन्य बड़े वाहनों द्वारा उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाएं. अन्य राज्य के प्रवासियों का भी पूरा ख़्याल रखते हुए उन्हें उनके गृह राज्य के नोडल अफसरों से सम्पर्क कर सुरक्षित भेजने का इंतज़ाम करें. झारखंड की सीमा में किसी भी श्रमिक को कोई परेशानी ना हो इसका पूरा ध्यान रखा जाए.”

इस निर्देश के बाद राज्य के डीजीपी एमवी राव ने सभी एसपी को उनके जिले के डीसी से समन्वय स्थापित कर इस निर्देश का पालन करने का निर्देश दिया है.

इस निर्देश के बाद राज्य के कई जिले के डीसी सक्रिय हुए हैं. लेकिन वहीं कुछ जिला प्रशासनों की नींद अभी भी नहीं खुली है. कुछ जिलों के डीसी जटिल कानून का हवाला देकर चीजों को उलझा रहे हैं, तो वहीं कुछ जिला में इस निर्देश के बाद अच्छा काम हो रहा है. न्यूज विंग ने झारखंड के कुछ जिलों के प्रशासन से बात करने की कोशिश की. जानते हैं किसने क्या कहा.

अरवा राजकमल, चाईबासा डीसी

चाईबासा डीसी अरवा राजकमल ने बताया कि मजदूरों को लाने के लिए आज(शनिवार को) ही 10 बसें ओडिशा भेजी जा रही हैं. इसमें चाईबासा जिले के बाहर के भी मजदूर भी हैं. यहां लाने के बाद उन्हें वो जिस जिले के हैं वहां भेजा जाएगा. बिहार और यूपी के मजदूरों को भी लाकर उन्हें उनके राज्य भेजा जाएगा.

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सूरज कुमार, खूंटी डीसी

खूंटी में बस से मजदूरों को पहुंचाया जा रहा उनके गंतव्य स्थान तक

खूंटी के डीसी सूरज कुमार ने न्यूज विंग को बताया कि इस निर्देश का पालन हमारे जिले में हो रहा है. आज ही 17 मजदूरों को जो पैदल यात्रा कर रहे थे, उन्हें बस से चाईबासा भेजा जा रहा है.

संदीप सिंह, रामगढ़ डीसी

रामगढ़ जिले के डीसी संदीप सिंह ने न्यूज विंग को बताया कि सरकार की तरफ से निर्देश मिलने के बाद रामगढ़ प्रशासन की तरफ से सभी अधिकारियों को एक आदेश जारी किया गया है.

निर्देश में कहा गया है कि रामगढ़ जिले से गुजरने वाले सभी पैदल यात्रियों को, साथ ही साईकल या बिना पास के यात्रा करने वाले यात्रियों का विशेष ख्याल रखा जाए. इस काम के लिए जिले में दो सेल्टर होम भी बनाया गया है. उन्हें अपने जिले भेजे जाने तक इसी सेल्टर होम में रखा जा रहा है. जहां खाने-पीने और आराम करने का प्रबंध है.

अमित कुमार, धनबाद डीसी

धनबाद के डीसी अमित कुमार ने बताया कि धनबाद जिला प्रशासन दूसरे कामों के अलावा इसी काम में जुटा हुआ है. अभी भी मैं (डीसी) और दूसरे कई अधिकारी सड़क पर ही है. जितने मजदूर पैदल चलते हुए मिल रहे हैं, उन्हें सेल्टर होम ले जाया जा रहा है. वहां उनकी मेडिकल सक्रीनिंग करने के बाद तबतक रखा जा रहा है, जबतक बसों का प्रबंध नहीं हो जा रहा.

हर्ष मंगला, डीसी गढ़वा

गढ़वा के डीसी हर्ष मंगला ने बताया कि यह निर्देश पहले से ही जिला प्रशासन को दिया गया है. फिर से एक बार माननीय मुख्यमंत्री की तरफ से इसे पालन करने को कहा गया है. गढ़वा में यूपी से रोज ही बसें आ रही हैं. करीब 800 मजदूर रोज ही गढ़वा जिले में आ रहे हैं.

दूसरे राज्यों से भी गढ़वा में मजदूरों का आना जारी है. जितने भी मजदूर पास के साथ या बिना पास के आ रहे हैं, सभी की मेडिकल स्क्रीनिंग कराकर उन्हें उनके जिले तक पहुंचाने का काम गढ़वा प्रशासन कर रहा है. यह काम चार मई से ही चल रहा है. इसकी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए हमारे यहां दो ट्रांजिट होम बनाए गए हैं. एक गढ़वा और एक नगर ऊंटारी में ट्रांजिट होम बनाया गया है. यहां खाने-पीने की पूरी व्यवस्था है. गढ़वा प्रशासन की तरफ से बीते दिन एक आदेश जारी किया गया है. जिसमें कहा गया है कि पैदल चल रहे मजदूरों को पुलिस थाने में लाए. वहां से उन्हें ट्रांजिट होम लाया जाएगा और फिर बसों से उन्हें उनके जिले भेजा जाएगा.

मुकेश कुमार, बोकारो डीसी

बोकारो के डीसी मुकेश कुमार ने न्यूज विंग को बताया कि 13 तारीख को ही बोकारो प्रशासन की तरफ से एक आदेश जारी कर दिया गया है. आदेश में जिले के अधिकारियों को साफ निर्देश दिया गया है कि जिले में पैदल या साइकिल से मजदूरों को देखे जाने के बाद उन्हें हर प्रशासनिक मदद मिले, यह सुनिश्चित किया जाए. उन्हें नजदीकी कैंप में रखा जाए. खाने-पीने का इंतजाम किया जाए और वाहन का प्रबंध कर उन्हें अपने जिले भिजवाने का काम किया जाए.

नैंसी सहाय, देवघर डीसी

देवघर की डीसी नैंसी सहाय ने न्यूज विंग को बताया कि यूं तो ये काम जिला प्रशासन की तरफ से पहले से किया जा रहा था. लेकिन सीएम के निर्देश के बाद अब इसे और बेहतर तरीके से करने की कोशिश की जा रहा है. देवघर में दस प्रखंड हैं. सभी प्रखंड स्तर पर एक नंबर जारी किया जा रहा है.

प्रचार के माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि जैसी ही कोई मजदूर पैदल या साइकिल से लोगों को दिखे तो वो उस नंबर पर फौरन कॉल करे. ऐसा करने के बाद प्रखंड स्तर पर बीडीओ मजदूरों को पास के कैंप में ले जाएंगे और मेडिकल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें उनके जिला या राज्य भेजने का प्रबंध किया जाएगा. बताया कि कल ही बिहार बांका जिले के कुछ मजदूरों को उनके घर पहुंचाने का काम जिला प्रशासन की तरफ से किया गया है.

सीएम के निर्देश के बाद जिला प्रशासन पहले से ज्यादा मुस्तैद तो नजर आ रहा है. लेकिन अब भी कई जिलों में मजदूरों को हो रही परेशानी की खबरें भी सामने आ रही हैं. कई इलाकों से मजदूरों के पैदल अपने घर जाने की तस्वीरें भी आयी है. इस लॉकडाउन में असहनीय पीड़ा झेल रहे मजदूरों की तकलीफ सीएम के निर्देश के बाद और कम हो पायेगी.

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