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हेलो पुलिस को मिल रहा है अच्छा रेस्पॉन्स, हजारीबाग पुलिस ने निपटाये 1740 मामले

Hazaribagh: एसपी कार्तिक एस के द्वारा शुरू किये गये हेलो पुलिस आम लोगों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है. हजारीबाग पुलिस ने बीते 2 जून से लेकर 12 सितंबर तक हेलो पुलिस के माध्यम से 1740 मामले का निष्पादन किया है. जिनमें एसपी कार्तिक एस के द्वारा शुरू किये गये हेलो पुलिस का आम लोगों के बीच बेहतर रेस्पॉन्स भी मिल रहा है. एसपी कार्तिक ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा है कि जब भी आप किसी भी सेवा से संबंधित कार्य के लिए थाना में आये हैं तो हेलो पुलिस की प्राप्ति रसीद अवश्य लें.

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एसपी के पहल पर हुई थी हेलो पुलिस की शुरुआत

बीते 2 जून को एसपी कार्तिक एस के द्वारा जिले में हेलो पुलिस सेवा 23 थानों में शुरुआत की गयी थी. हजारीबाग पुलिस के थानों में पहुंचने वाले मामले अब इस सॉफ्टवेयर में दर्ज होते हैं. जिसकी मॉनिटरिंग सीधे एसपी करते हैं. दरअसल  थाने में आवेदन देने के बाद एक पावती रशीद दी जाती है. इस रशीद में थाना आने के कारण से लेकर नाम, पता सहित अन्य ब्यौरा भी शामिल होता है. इसकी एक प्रति सॉफ्टवेयर में रिकॉर्ड हो जाती है.

सात दिन के बाद पावती रशीद में दर्ज व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर पुलिस नियंत्रण कक्ष में बैठे अधिकारी मामले की ताजा जानकारी लेते हैं. इसके साथ ही थाने में पुलिस के द्वारा किये गये बर्ताव की भी जानकारी लेते हैं. जनता द्वारा दिये गये फीडबैक के आधार पर ही थाने के पदाधिकारियों आंकलन होता है. यह आंकलन पुलिस के उन आधा दर्जन कार्यों के बारे में बतायेगा, जिसके लिए लोग थाने में आते हैं और उन्हें अपने कार्य को पूरा कराने के लिए पुलिस के समक्ष आरजू मिन्नत करनी पड़ती है.

जिसमें  मोबाइल खो जाने का सनहा, लापता हो जाना, चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट सत्यापन जैसे कार्य शामिल हैं. इसका फायदा यह होता है कि थाने में लोगों के प्रति पुलिस का व्यवहार बदलेगा. साथ ही लोगों को परेशानी से दो-चार नहीं होना होगा. हर सेवा के लिए निश्चित सेवा अवधि होगी.

 हेलो पुलिस ऐसे करती है काम

 जिला पुलिस अपने नये सॉफ्टवेयर में थाने पहुंचने वाले फरियादियों का ब्यौरा दर्ज करती है. आवेदन के बदले पावती मिलने के सात दिनों के अंदर फरियादियों का काम निष्पादित करने की जिम्मेवारी तय की जाती है.

पुलिस कंट्रोल रूम में इस साफ्टवेयर में दर्ज ब्यौरा की निगरानी किया जाता है. यह पुलिस की कार्यशैली को परखने का भी पुलिसिया उपाय है. वैसे एसपी कार्तिक एस यह प्रयोग इससे पहले बोकारो और सरायकेला में एसपी रहते हुए भी कर चुके हैं. वहां यह प्रयोग काफी सफल रहा था.

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